बिहार के सासाराम जिले के रहने वाले बादल सिंह हत्याकांड मामले में रोहतास जिले के ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी आदिल बेलाल को आरोपी बनाया गया है. इस हत्याकांड के बाद उन्हें जिला बदर कर दिया गया है. उनके अंगरक्षक चंद्रमौली नागिया और उन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस मुख्यालय पटना योगदान देने के लिए कहा गया है.
मामले की होगी CID जांच
इस हत्याकांड का अब CID द्वारा जांच किया जाएगा. बता दें कि शुक्रवार को देर शाम सासाराम नगर थाना क्षेत्र के पुराने जीटी रोड के पास युवक बर्थडे पार्टी मना रहे थे. इसी दौरान ट्रैफिक डीएसपी आदिल बेलाल के साथ झड़प हो गई और फायरिंग में बादल सिंह की मौत हो गई. जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए थे.
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इस घटना से राज्य के लोग भी आक्रोशित हो उठे थे. जिसके बाद बिहार सरकार के कई मंत्री व विधायक बादल सिंह के गांव सिलारी पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान मंत्री और विधायक ने पीड़ित परिजनों के साथ न्याय होने का भरोसा दिलाया.
परिजनों ने डीएसपी पर लगाया है हत्या का आरोप
पूरे मामले में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है. एक प्राथमिकी यातायात डीएसपी आदिल बेलाल के अंगरक्षक चंद्रमौली नागिया ने दर्ज कराई है. जबकि दूसरी प्राथमिकी नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन राय ने स्वयं दर्ज करवाई है. जो घटनास्थल से बरामद किए गए सामानों से संबंधित है.
वहीं तीसरा मुकदमा बादल सिंह के भाई ने दर्ज कराया, जिसमें डीएसपी पर उनके भाई की हत्या का आरोप लगाया है. परिजनों का आरोप है कि बादल सिंह की डीएसपी आदिल ने हत्या की. रात के 11:00 बजे के आसपास यातायात डीएसपी निजी परिसर में जाकर जन्मदिन मना रहे युवकों के साथ उलझ पड़े थे और गोली मारकर हत्या कर दी थी.