बिहार के रोहतास से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक महिला ने 3 साल के बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या कर डाली. जब इस बात का पता मृतक बच्चे के परिवार और गांव वालों को लगा तो उन्होंने महिला को घर से घसीटते हुए बाहर निकाला. फिर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर डाली.
मामला रोहतास के अकाशी गांव का है. जानकारी के मुताबिक, यहां रहने वाले जग्गू सिंह का 3 वर्षीय बेटा शिवम रविवार शाम से लापता था. जब परिवार वाले बच्चे को ढूंढ रहे थे तो उन्हें कुछ लोगों ने बताया कि, उन लोगों ने दशरथ महतो की पत्नी चिंता देवी (50) की पत्नी के साथ शिवम को देखा था. जिसके बाद गुस्साए ग्रामीण दशरथ महतो के घर पहुंचे. उन्होंने घर का दरवाजा खटखटाया लेकिन दशरत के घर वालों ने दरवाजा नहीं खोला.
इसके बाद गांव वालों ने दरवाजा तोड़ दिया. दशरत की पत्नी को घर से बाहर निकाला. घसीटते हुए ले गए और उसकी बेरहमी से पिटाई कर डाली. इस कारण चिंता देवी की मौत हो गई. वहीं, अंधेरे का फायदा उठाकर चिंता देवी के परिवार वाले वहां से फरार हो गए. सूचना पर अगरेर थाना की पुलिस पहुंची. उन्होंने चिंता देवी और शिवम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया.
घर के बाहर से गायब हुआ था बच्चा
जग्गू सिंह ने बताया कि हम अपने बेटे को मकर संक्राति का मेला घुमाने ले गए थे. घर आने के बाद शिवम घर के बाहर खेल रहा था. इसी क्रम में वो लापता हो गया. हम उसकी खोजबीन में लग गए. रात करीब साढ़े नौ बजे पता चला कि चिंता देवी के साथ शिवम को देखा गया है. जब हम उनके घर पहुंचे तो उन लोगों ने दरवाजा नहीं खोला. फिर, जब हम दरवाजा तोड़ने लगे तो चिंता देवी ने घर के ऊपर से एक बोरा फेंका. जिसमें शिवम की लाश थी.
डायन बताकर महिला को मार डाला
पुलिस के मुताबिक, शिवम की लाश देखते ही गांव वालों ने दशरथ के घर का दरवाजा तोड़ डाला. वहां से चिंता देवी को बाहर निकाला और उसे डायन बताकर जमकर पीटा. जिससे चिंता देवी की मौत हो गई. लोगों ने बाद में दशरथ के घर को आग लगा दी. इससे पहले कि वे लोग दशरथ के परिवार को पकड़ते, वो लोग अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गए. शिवम जग्गू सिंह का इकलौता बेटा था. शिवम की चार बहनें है. फिलहाल, एसडीपीओ सासाराम इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. वहीं, पूरे गांव में तनाव का माहौल है.