इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सुगबुगाहट शुरू हो गई है. बिहार में एनडीए के साझेदार जीतन राम मांझी ने चुनाव को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स भी शुरू कर दी है. उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में 20 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है.
HUM संस्थापक गुरुवार को जहानाबाद के बसंतपुर में आयोजित हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) पार्टी के विधानसभा स्तरीय सम्मेलन- सह-मिलन समारोह में भाग लेने पहुंचे. जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार विधानसभा में NDA से 20 सीटों की मांग की.
जीतन राम मांझी बिहार में एनडीए के पहले साझेदार हैं, जिन्होंने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू कर दी है.
केंद्रीय मंत्री ने जनसभा में ये भी कहा कि ये सम्मेलन संगठन को मजबूत करने और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम था. ऐसे सम्मेलनों से न केवल पार्टी का जनाधार बढ़ेगा, बल्कि समाज में हमारे विचारों का व्यापक प्रसार होगा.
इसके इतर हाल ही में बिहार में एनडीए के दूसरे साझेदार और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को कहा कि बिहार में एनडीए के सभी घटक एक साल से भी कम समय में होने वाले विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ेंगे. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शुभकामनाएं देने के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे.
'एक साथ लड़ेंगे चुनाव'
उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो एनडीए में दरार पैदा करने का सपना देख रहे होंगे, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है. एनडीए का कोई भी साथी विपक्षी गठबंधन के साथ गठबंधन नहीं करने जा रहा है. मैं यह भी जोड़ना चाहूंगा कि बिहार में एनडीए के सभी पांच सहयोगी एक साथ विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और 225 से अधिक सीटें (243 सदस्यीय सदन में) जीतेंगे.
बिहार NDA का हिस्सा हैं ये पार्टी
बिहार में एनडीए में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू, बीजेपी, एलजेपी (आरवी), केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं.