वक्फ बिल पर बिहार विधानसभा में विपक्षी विधायक चर्चा की मांग कर रहे हैं. इसको लेकर कांग्रेस और राजद के विधायकों ने हंगामा भी किया. आरोप है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वक्फ की जमीनों का इस्तेमाल करके स्कूल-कॉलेजों का निर्माण करवाया है. विपक्षी नेताओं का कहना है कि सीएम अपनी सेक्युलर वाली छवि बचाना चाहते हैं, और इसलिए उन्होंने चुप्पी साध रखी है.
कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने कहा, "नीतीश कुमार ने वक्फ की संपत्तियों का खूब इस्तेमाल किया है. वक्फ की संपत्तियों पर स्कूल-कॉलेज और सरकारी इमारतें बनवाई गईं, लेकिन अब नीतीश चुप हैं. यह दोहरा मापदंड नहीं चलेगा. नीतीश कुमार को चुप्पी तोड़नी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि वक्फ की जमीनों की नीतीश कुमार ने घेराबंदी भी करवाई है, जिसका मतलब है कि उन्होंने इसे लागू किया है, और उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ेगी.
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नीतीश कुमार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए!
विपक्षी विधायकों का आरोप है कि नीतीश कुमार वक्फ बिल पर चुप हैं, और उन्हें अपना स्टैंड क्लियर करना चाहिए, और स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वह बिल के समर्थन में हैं या विरोध में. राष्ट्रीय जनता दल के विधायक अखतरुल इमाम ने कहा, "हम चाहते हैं कि इस बिल के खिलाफ विधानसभा से एक प्रस्ताव पारित हो. नीतीश कुमार से उम्मीद है कि वह अपनी सेक्युलर इमेज बचाएंगे. नीतीश कुमार को स्पष्ट करना होगा कि वह इस बिल के समर्थन में हैं या फिर खिलाफ."
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वक्फ पर संपत्ति हड़पने का आरोप!
विपक्षी पार्टियों के विधायकों ने विधानसभा के बाहर तख्तियां लेकर पहुंचे और अपना विरोध दर्ज किया, और वक्फ बिल को वापस लेने की मांग की. वहीं बीजेपी विधायक हरीभूषण ठाकुर का आरोप है कि वक्फ बोर्ड ने अपनी जमीन के नाम पर गरीबों और किसानों की संपत्ति हड़प गई. उन्होंने कहा कि पूरा एनडीए वक्फ बल के समर्थन में बीजेपी और केंद्र सरकार के साथ है. सदन के अंदर कोई प्रस्ताव आएगा तो हम पुरजोर विरोध करेंगे. नीतीश कुमार राष्ट्रीय हित में हमेशा समर्थन में रहे हैं."