कोरोना काल में पूरी दुनिया ने भारत की ताकत देखी, भारत की रणनीति का लोहा माना. अब इस दिशा में मोदी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया. इस बजट का बड़ा फोकस है जान भी और जहान भी. यानी स्वास्थ्य और आपके आसपास की सारी व्यवस्थाओं पर ज्यादा ध्यान दिया गया है. गांव-गरीब और किसान अब भारतीय राजनीति शास्त्र का सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि मोदी के किसान बजट का यथार्थ हैं. (Photo: File)
मोदी का हेल्थ केयर प्लान
आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना का तोहफा देश को दिया.
अगले छह वर्षों में 64,180 करोड़ रुपये का बजट लॉक.
स्वास्थ्य बजट को 94 हजार से 2.23 लाख करोड़ किया.
कोविड वैक्सीन पर 35,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे.
75 हजार ग्रामीण हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे.
602 जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल शुरू होंगे.
इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन पोर्टल शुरू किया जाएगा.
15 हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर्स शुरू किए जाएंगे. (Photo: File)
बजट में पढ़ाई पर फोकस
100 नए सैनिक स्कूलों की शुरुआत होगी.
लेह में सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी.
आदिवासी क्षेत्रों में 750 एकलव्य मॉडल स्कूलों में सुविधाओं का सुधार होगा.
अनुसूचित जाति के 4 करोड़ बच्चों के लिए 6 साल में 35219 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
आदिवासी बच्चों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप भी लाई जाएगी. (Photo: File)
बजट के दिल में किसान
किसानों को 75 हजार करोड़ का बजट.
एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड को बढ़ाकर 40000 करोड़ किया.
1,000 और APMC इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय बाजार से जुड़ेगी.
माइक्रो इरिगेशन फंड को दोगुना कर 10,000 करोड़ किया.
172000 करोड़ तक पहुंच सकता है धान खरीद का आंकड़ा.
एमएसपी पर कपास की रिकॉर्ड तोड़ खरीद की गई.
देशभर में पांच प्रमुख फिशिंग हब बनेंगे. (Photo: File)
देशभर के अन्नदाताओं की नजरें बजट पर टिकी थीं. आखिर बजट में उनके लिए क्या होगा और कितना होगा. बजट का पिटारा खुला और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि सेक्टर का बजट पढ़ा तो किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प का रोडमैप साफ नजर आ गया. किसानों के कल्याण के वचन का विजन दिखा. (Photo: File)
मजबूर नहीं मजबूत किसान
ऑपरेशन ग्रीन स्कीम में जल्द खराब होने वाली 22 फसलें शामिल की जाएंगी.
किसानों को कर्ज देने का टारगेट 16 लाख करोड़ रुपये किया गया.
एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड तक एपीएमसी की पहुंच होगी.
स्वामित्व स्कीम के दायरे में सभी राज्यों को लाया जाएगा.
कोचि, चेन्नई, विशाखापट्टनम पारादीप, पेटुआघाट में फिशिंग हार्बर बनेंगे. (Photo: File)
गांव-गांव तक हाईवे
तमिलनाडु में 3500 किलोमीटर NH बनेगा.
1.03 लाख करोड़ रुपये खर्च होगा.
केरल में 1100 किलोमीटर NH बनेगा.
65 हजार करोड़ रुपये खर्च होगा.
पश्चिम बंगाल में 25000 करोड़ से हाईवे बनेगा.
असम में 34 हजार करोड़ से NH का विस्तार होगा. (Photo: File)
मेट्रो और बस पर फोकस
शहरी इलाकों में बस ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू किया जाएगा.
पीपीई मॉडल पर 20 हजार बसें तैयार होंगी.
कोच्चि मेट्रो में 1900 करोड़ से 11 किमी का विस्तार होगा.
चेन्नई में 63 हजार करोड़ रुपये से 180 किमी लंबा मेट्रो रूट बनेगा.
बेंगलुरु में भी 14788 करोड़ रुपये से 58 किमी लंबी मेट्रो लाइन बनेगी.
नागपुर 5976 करोड़ और नासिक में 2092 करोड़ से मेट्रो बनेगी. (Photo: File)