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बजट

Budget 2023: मोदी सरकार ने बदल डाली बजट से जुड़ीं ये परंपराएं, ब्रीफकेस अब पुरानी बात!

बजट 2023 पर पूरे देश की निगाह
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देश का आम बजट एक फरवरी 2023 (Budget 2023) को पेश किया जाएगा. निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री (Finance Minister Nirmala Sitharaman) के तौर पर संसद में लगातार अपना पांचवां बजट भाषण पढ़ेंगी. इस बीच बता दें नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) में बजट में कई चेंज किए गए हैं. इनमें तारीख से लेकर बजट दस्तावेज के लिए प्रयोग होने वाले लाल रंग के ब्रीफकेस तक में बदलाव शामिल हैं.  

सरकार के लिए खास है बजट-2023
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सरकार के लिए खास है बजट-2023
भारत की पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman फरवरी की पहली तारीख को संसद में Budget 2023 पेश करने वाली हैं. वे सुबह 11 बजे देश के आय और व्यय का लेखा-जोखा जनता के सामने रखेंगी. अगले साल आम चुनाव से पहले मोदी 2.0 सरकार का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा. ये बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है, जबकि जब वैश्विक आर्थिक गतिविधि व्यापक रूप से स्लोडाउन का सामना कर रही है. 

पहला बदलाव: आम बजट की तारीख
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पहला बदलाव: आम बजट की तारीख  
साल 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार (Narendra Modi Govt) आने से पहले तक बजट फरवरी महीने की आखिरी तारीख 28 या 29 फरवरी को पेश किया जाता था. मोदी सरकार ने इस परंपरा को तोड़ा और बदलाव के बाद Budget फरवरी के अंत के बजाय 1 फरवरी को पेश किया जाने लगा.

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दूसरा बदलाव: रेल बजट का विलय
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दूसरा बदलाव: रेल बजट का विलय
नरेंद्र मोदी सरकार ने 1924 से चली आ रही रेल बजट (Rail Budget) की परंपरा को भी साल 2016 में बदलने का काम किया. दरअसल, पहले रेल बजट को आम बजट से कुछ दिन पहले अलग से पेश किया जाता था, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में रेल बजट को आम बजट के साथ मिलाकर पेश करने का ऐलान किया और 2017 से ये एक साथ पेश किया जाने लगा. 

तीसरा बदलाव: लाल ब्रीफकेस की परंपरा
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तीसरा बदलाव: लाल ब्रीफकेस की परंपरा
बजट इतिहास से जुड़ी परंपराओं में बदलाव पपर गौर करें तो मोदी सरकार में 1947 से देश का आम बजट संसद में पेश होने के लिए एक लाल रंग के ब्रीफकेस (Red Briefcase) का इस्तेमाल होता था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने साल 2019 में इस परंपरा में भी बदलाव किया और उसके बाद से लाल ब्रीफकेस के बजाय बजट लाल कपड़े में लपेटकर बही-खाते के रूप में लाया जाने लगा. यहीं नहीं पिछले बजट लाल टैबलेट (Red Tablate) में लाए गए थे. 

वाजपेयी सरकार में बदला था समय
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वाजपेयी सरकार में बदला था समय 
नरेंद्र मोदी सरकार से पहले भाजापा की अगुवाई वाली अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने भी बजट से जुड़ी एक पुरानी परंपरा को बदल दिया था. 1999 से पहले सभी बजट शाम के पांच बजे पेश किए जाते थे, लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने 1999 में इसे परंपरा को तोड़ते हुए पहली बार आम बजट सुबह 11 बजे पेश किया था. तब से बजट लोकसभा में इसी समय पेश हो रहा है.

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