केंद्र सरकार ने इस साल के आम बजट में जम्मू-कश्मीर को कई सौगातें दी है जिसमें गैस पाइपलाइन सबसे प्रमुख है. केंद्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में गैस पाइपलाइन के जरिए घर-घर में रसोई गैस की सेवा पहुंचायी जाएगी. इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में राज्य को 30757 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद देने का भी ऐलान किया गया है.
बता दें कि गैस पाइपलाइप को पंजाब के बठिंडा से होते हुए जम्मू से श्रीनगर तक पहुंचाने की योजना साल 2008 में तैयार की गई थी. साल 2011 में पेट्रोलियम और गैस नियामक बोर्ड ने पाइपलाइन बिछाने का काम गुजरात की एक कंपनी को सौंपा था. इसके लिए सर्वे भी शुरू हुआ था लेकिन भूमि अधिग्रहण में आई दिक्कतों की वजह से मामला ठंडे बस्ते में चला गया था.
बीजेपी और पीडीपी के शासनकाल में भी इस योजना को फिर से शुरू करने की कोशिश की गई थी लेकिन कुछ दिक्कतों की वजह से यह शुरू नहीं हो पायी. अब 855 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा जिसके लिए बजट में फंड का भी ऐलान कर दिया गया है. इस परियोजना के तहत गैस पाइप लाइन को बठिंडा से शुरू करके कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, अनंतनाग, पुलवामा और रामबन होते हुए श्रीनगर तक पहुंचाने की योजना है.
गैस पाइप लाइन को बिछाने की समयसीमा 2014 ही तय की गई थी लेकिन इस पर आगे काम बंद हो गया. साल 2018 में राज्य के राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद की बैठक में प्रोजेक्ट की समय सीमा को दो साल के लिए बढ़ा दिया था लेकिन इस दौरान भी यह पूरा नहीं हो पाया.
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के लिए दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे की जो घोषणा पहले की गई थी उसके लिए इस बजट में 35 हजार करोड़ रुपये के फंड का भी ऐलान कर दिया गया है. अगले दो साल में इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद है. इसके पूरे हो जाने पर सिर्फ सात घंटे में लोग कटरा पहुंच जाएंगे और उनके लिए वैष्णो देवी जाना आसान हो जाएगा.