प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में दूसरी बार सत्ता की कमान संभालने के तुरंत बाद 2024-25 तक देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का सपना पेश किया था. जुलाई 2019 में पूर्ण बजट से पहले तत्कालीन चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर केवी सुब्रमण्यम के गाइडेंस में तैयार की गई आर्थिक समीक्षा में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक तरह का रोडमैप भी पेश किया गया था. प्रधानमंत्री मोदी 2019 से अब तक कई मौकों पर अपने इस सपने का जिक्र कर चुके हैं. हालांकि, कोविड-19 की वजह से चीजें काफी अधिक बदल गईं हैं. ऐसे में आइए इस बात को एनालाइज करते हैं कि क्या 2024-25 तक भारत की इकोनॉमी 5 ट्रिलियन डॉलर की हो सकती है.
कोविड से बदले हालात
2019 के जुलाई में इकोनॉमी का आकार 2.70 ट्रिलियन डॉलर पर था. 2020 में यह करीब 2.9 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया था. लेकिन इसके बाद कोविड-19 की आहट के साथ ही सरकार के इस सपने के तय समय में पूरा होने को लेकर कई तरह के सवालिया निशान खड़े होने लगे. कोविड-19 की वजह से इकोनॉमिक एक्टिविटीज 2020-21 की पहली तिमाही में लगभग पूरी तरह ठप पड़ गईं. GDP Data पर इसका असर देखने को भी मिला जब 2020-21 में इकोनॉमी में निगेटिव ग्रोथ देखने की मिली थी और इकोनॉमी एक बार फिर से 2.7 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई थी.
2.5 साल में महज इतनी ग्रोथ
5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के टार्गेट को लेकर सरकार के ऐलान को करीब ढाई साल बीत गए हैं. चालू वित्त वर्ष में विकास दर को लेकर आरबीआई के अनुमान (9.5%) को अगर हम ध्यान में रखें तो यह कहा जा सकता है कि मार्च, 2022 में देश की इकोनॉमी का आकार करीब 3 ट्रिलियन डॉलर होगा. इस तरह देखा जाए तो पिछले 2.5 साल में जीडीपी का आकार करीब 11 फीसदी बढ़ा है. अगर कोविड-19 जैसे एक्सटर्नल फैक्टर्स ऐसे ही हमें परेशान करते रहे और देश की इकोनॉमी की यही ग्रोथ रहती है तो हम 2035-36 के आसपास ही 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन पाएंगे.
2028 तक ऐसे हासिल हो सकता है लक्ष्य
वित्त मंत्रालय सोमवार को आर्थिक समीक्षा जारी करेगा और इस बात की उम्मीद की जा रही है कि फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए सरकार 11 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान रख सकती है. अगर हम 11 फीसदी की बजाय 10 फीसदी की एवरेज ग्रोथ के हिसाब से भी कैलकुलेशन करें तो ऐसा कहा जा सकता है कि 2027-28 के मध्य हम इस लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं.
8% की औसत ग्रोथ होने पर लगेगा इतना वक्त
भारत की इकोनॉमी के मौजूदा आकार के साथ अगर हम 8% की सालाना औसत विकास दर को ध्यान में रखें तो 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के लिए हमें सरकार के लक्ष्य से काफी ज्यादा वक्त लगेगा. इस कैलकुलेशन के हिसाब से हम 2029-30 के आसपास ही 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन पाएंगे.
लक्ष्य हासिल करने के लिए चाहिए यह स्ट्राइक रेट
सरकार 2024-25 तक अगर देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का अपना लक्ष्य हासिल करना चाहती है तो इसके लिए हर साल कम-से-कम 19% की जीडीपी विकास दर की जरूरत होगी. विकास की यह दर हासिल करना काफी मुश्किल भरा काम है और इस लिहाज से कहा जा सकता है कि 2024-25 तक इस लक्ष्य को हासिल करना काफी चुनौतीपूर्ण और कठिनाई भरा होगा.