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अभिव्यक्ति की आजादी के लिए भी बजट में कुछ प्रावधान करे सरकार, अखिलेश का कटाक्ष

अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार इस बजट 21 में देश की एकता, सामाजिक सौहार्द और अभिव्यक्ति की आजादी की पुनर्स्थापना के लिए भी कुछ प्रावधान करे. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी सरकार की विघटनकारी नीतियों से ये सब खंडित हुआ है.

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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (फोटो- पीटीआई)
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'सामाजिक सौहार्द के लिए कुछ प्रावधान करे सरकार'
  • किसानों और मजदूरों को मिले राहत- राहुल
  • बजट से पहले विपक्ष का हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने साल 2020-21 का बजट पेश होने से पहले नरेंद्र मोदी सरकार पर कटाक्ष किया है. अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार इस बजट में देश की एकता, सामाजिक सौहार्द और अभिव्यक्ति की आज़ादी की पुनर्स्थापना के लिए भी कुछ प्रावधान करे. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी सरकार की विघटनकारी नीतियों से ये सब खंडित हुआ है. 

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अखिलेश ने ट्वीट किया, "भाजपा सरकार से बस इतनी गुजारिश है कि वो इस बार बजट में देश की एकता, सामाजिक सौहार्द, किसान-मजदूर के सम्मान, महिला-युवा के मान और अभिव्यक्ति की आजादी की पुनर्स्थापना के लिए भी कुछ प्रावधान करे क्योंकि भाजपा की विघटनकारी नीतियों से ये सब बहुत खंडित हुआ है. देशहित मे जारी!"

 

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बजट से पहले प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि साल 2021 के बजट में किसानों और मजदूरों को राहत दी जाए ताकि रोजगार पैदा हो सके. उन्होंने मंझोले वर्ग के उद्योंगो को भी प्रोत्साहन देने की मांग की है ताकि रोजगार पैदा हो सके.

 

राहुल गांधी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च बढ़ाया जाए ताकि जिंदगियां बचाई जा सके. राहुल गांधी ने इसके अलावा रक्षा सेक्टर पर भी खर्च बढ़ाने की मांग की है, ताकि हमारी सीमाएं सुरक्षित हो सके.  

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पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी स्वास्थ्य और रक्षा सेक्टर में बजट में आवंटन बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इन दो सेक्टर में समझौता नहीं किया जा सकता है.

 

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