Budget 2022: 5 राज्यों में चुनावी बयार बह रही है. इस बयार के मुख्य किरदार हैं किसान. क्योंकि एक बड़ी आबादी किसान मतदाताओं की है. जाहिर है कि किसान चुनाव में भाग्यविधाता हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को आम बजट पेश किया. किसानों की निगाहें भी बजट पर ही थीं. लिहाजा इस बजट को अगले 25 साल का ब्लू प्रिंट बताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र के लिए जरूरी ऐलान किए. इन 10 पॉइंट्स से जानते हैं कि बजट से किसानों की झोली में क्या आया.
बजट में ये 10 बड़े ऐलान
1. किसानों के खातों में 2.37 लाख करोड़ रुपये की MSP सीधे ट्रांसफर की जाएगी
2. गंगा किनारे ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा
3. तिहलन के आयात की निर्भरता को कम किया जाएगा
4. किसानों को डिजिटल करने के प्रयास को तेज किया जाएगा
5. निजी क्षेत्र को कृषि क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए PPP मॉडल पर काम किया जाएगा.
6. नाबार्ड के जरिए खेती के क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा.
7. केमिकल मुक्त खेती को बढ़ावा दिया जाएगा.
8. 44,000 करोड़ रुपए की लागत से केन-बेतवा नदी जोड़ने की परियोजना शुरू होगी, जिससे 9 लाख किसानों को लाभ होगा.
9. फसल मूल्यांकन, भूमि रिकॉर्ड, कीटनाशकों के छिड़काव के लिए किसान ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.
10. एग्री यूनिवर्सिटी को बढ़ावा दिया जाएगा.
मोदी सरकार ने अमृत काल का बजट बताया
नरेंद्र मोदी सरकार इस बजट को अमृत काल का बजट कह रही है. सरकार ने कहा कि बजट में किसानों के हितों के लिए कई योजनाएं हैं. उनकी बेहतरी के लिए सरकार के पास मास्टर प्लान है. सरकार ने बजट में 2023 को मोटा अनाज वर्ष घोषित करने की बात कही है. सरकार मोटे अनाज उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग पर जोर देगी. इसके तहत 1 लाख मीट्रिक टन धान की ख़रीद की उम्मीद है. इससे 1 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रेलवे छोटे किसानों के लिए नए उत्पाद विकसित करेगा.
किसानों को मनाने की हर मुमकिन कोशिश की
तीन कृषि कानूनों की वापसी के साथ ही केंद्र सरकार ने किसानों को मनाने की हर मुमकिन कोशिश की है. आम बजट में वित्त मंत्री ने 2.37 लाख करोड़ की रकम MSP के तौर पर सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर करने का वादा किया है. हालाांकि किसान अब भी अपनी फसल के सही दाम और सही समय पर भुगतान की मांग कर रहा है.
बजट को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया
साथ ही कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बजट में सैलरीड क्लास और मिडिल क्लास को राहत ना देकर विश्वासघात किया है. कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार के इस बजट को कुछ नहीं बजट का नाम दिया. वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ये अमीरों का बजट है. ये गरीबों को बजट नहीं है. इस बजट से किसी को फायदा होना वाला नहीं है. वहीं वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने बजट से निराशा जताते हुए कहा कि आज हमारे देश में 20 करोड़ युवा हैं, जिनके पास रोज़गार नहीं है, महंगाई है, भुखमरी बढ़ रही है. बजट से आम लोगों को कुछ भी राहत नहीं मिली.
(आजतक ब्यूरो)