वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आम बजट (Budget 2024) 1 फरवरी को पेश होगा. यहा केंद्र की नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के दूसरे कार्यकाल का आखिरी और वित्त मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) का छठा आम बजट होगा. वित्त मंत्री द्वारा पहले ही कह चुकी हैं कि यह अंतरिम बजट होगा और इसमें कोई बहुत बड़े ऐलान नहीं किए जाएंगे. गौरतलब है कि अंतरिम बजट को 'वोट ऑन अकाउंट' भी कहा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बजट दस्तावेज क्या होता है और इसे किस तरह और कहां पर तैयार किया जाता है? आइए जानते हैं...
कड़ी सुरक्षा में तैयार होता है बजट
बजट डॉक्यूमेंट बेहद ही अहम दस्तावेज होता है और इसे तैयार करने से लेकर छपाई तक कड़ी सुरक्षा के बीच होती है. यहां तक कि हर साल बजट बनाने से पहले नॉर्थ ब्लॉक में स्थित मंत्रालय के दफ्तर में बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी जाती है. दरअसल, ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के मुताबिक, बजट डॉक्यूमेंट संसद में पेश होने के पहले तक एक तरह का खुफिया दस्तावेज होता है. अगर बजट से जुड़ी कोई जानकारी लीक होती है, तो फिर इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है. इसलिए संसद में पेश होने तक बजट को लोगों से छिपाकर रखा जाता है.
नॉर्थ ब्लॉक में ही होती है छपाई
बजट इतिहास पर नजर डालें तो साल 1950 तक बजट डॉक्यूमेंट की छपाई राष्ट्रपति भवन में स्थित प्रेस में होती थी, लेकिन एक बार वहां से बजट का कुछ हिस्सा लीक हो गया था, जिसके बाद से इसे मिंटो रोड स्थित सरकारी प्रेस में छापा जाने लगा. लेकिन, बाद में साल 1980 से बजट की छपाई नॉर्थ ब्लॉक स्थित प्रेस में होने लगी. बजट तैयार करने से पहले एक ब्लू शीट बनती है, जिसमें प्रमुख आर्थिक डाटा रखा जाता है. इसके आधार पर ही बजट को तैयार किया जाता है. इस बजट शीट को वित्त मंत्री भी बाहर नहीं ले जा सकते हैं और इसकी पूरी जिम्मेदारी मंत्रालय के संयुक्त सचिव (बजट) के पास होती है.
पेश होने से 10 दिन पहले शुरू होती है छपाई
Budget संसद में पेश होने के 10 दिन पहले वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में स्थित प्रिंटिंग प्रेस में इसकी छपाई होती है. ये इतना गोपनीय काम होता है कि इससे जुड़े अधिकारी और कर्मचारी 10 दिनों के लिए पूरी दुनिया से कटे रहते हैं. इस काम से जुड़े करीब 100 अधिकारियों-कर्मचारियों को घर जाने की भी इजाजत नहीं होती है. इस दौरान अगर किसी विजिटर का आना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अंदर भेजा जाता है. इस बीच मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से जाम रहता है और सिर्फ लैंडलाइन का ही इस्तेमाल दूरसंचार के लिए होता है.
बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध
Finance Ministry में मीडिया समेत अन्य किसी भी तरह के व्यक्ति के प्रवेश को इस बजट छपाई की प्रक्रिया के दौरान पूरी तरह से प्रतिबंधित रखा जाता है. इसके अलावा मंत्रालय में कर्मचारी निजी ई-मेल का प्रयोग कार्यालय के सिस्टम पर नहीं कर सकते हैं. नॉर्थ ब्लॉक के प्रवेश और निकास द्वार पर CISF के अलावा दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और खुफिया विभाग के अधिकारी तैनात रहते हैं. यह लोग उन लोगों पर नजर रखेंगे, जो बजट बनाने वाले अधिकारियों से मिलने जाएंगे.