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बजट से पहले 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक, PM मोदी करेंगे अध्यक्षता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे. 1 फरवरी को बजट पेश होगा. बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, थवारचंद गहलोत, पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी, अर्जुन मेघवाल और वी मुरलीधरन भी बैठक मौजूद रहेंगे.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (File Photo)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 1 फरवरी को पेश होगा बजट
  • 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे. 1 फरवरी को बजट पेश होगा. यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, थवारचंद गहलोत, पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी, अर्जुन मेघवाल और वी मुरलीधरन भी बैठक मौजूद रहेंगे. सर्वदलीय बैठक के अलावा एनडीए के दलों की भी बैठक 30 जनवरी को होगी.

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बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू होगा और दो हिस्सों में 8 अप्रैल तक चलेगा. इस दौरान एक फरवरी को संसद में आम बजट (वित्‍त वर्ष 2021-22) पेश किया जाएगा. जट सत्र पहला चरण 29 जनवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा हिस्सा 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा. 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 29 जनवरी को सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे. आम बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा. संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCPA) ने 29 जनवरी से बजट सत्र की सिफारिश की थी. 

बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को लेकर कई बड़े अर्थशास्त्रियों और विभिन्न सेक्टर्स के एक्सपर्ट्स के साथ बैठक की थी. इस बैठक का आयोजन नीति आयोग ने किया था. बैठक में कोरोना काल में इकोनॉमिक एजेंडा को लेकर चर्चा हुई थी. इस बैठक में मौजूद सभी लोग इस बात पर सहमत हुए कि अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे मजबूत रिकवरी की ओर बढ़ रही है.

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कई अर्थशास्त्रियों ने वित्तीय क्षेत्र में सुधार पर भी चर्चा की. अर्थशास्त्रियों ने यह भी कहा कि सरकार को 2021- 22 के आगामी बजट में राजकोषीय घाटे के प्रति उदार रुख अपनाना चाहिए. कुछ अर्थशास्त्रियों ने निर्यात प्रोत्साहनों पर ध्यान देने की बात कही. साथ ही कहा कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये यह जरूरी है. 

अर्थशास्त्रियों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाये जाने पर जोर दिया. बैठक के दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक मंदी के बावजूद अप्रैल और अक्टूबर के बीच विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में 11% की वृद्धि के साथ भारत के विकास में विदेशी निवेशकों द्वारा दिखाए गए विश्वास पर चर्चा की. 
 

 

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