प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट को देश के गरीब, युवाओं और मिडिल क्लास का बजट बताया. बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि जब गरीब व्यक्ति को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ दिया जाता है, तो वह अपनी ऊर्जा का उपयोग देश के विकास में लगाता है. इस बजट का उद्देश्य भी देश के गरीब, युवाओं और मिडिल क्लास को मूलभूत सुविधाएं और आय के स्थायी साधन देना है.
3 करोड़ गरीबों को बनाया लखपति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बजट को लेकर भाजपा के कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत की. चुनावी माहौल में उन्होंने कार्यकर्ताओं से बजट की बारीकियों को देश के आम जनमानस के बीच ले जाने की अपील भी की. अपने संबोधन में देश के गरीबों को पक्का आवास देने की योजना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘गरीब का एक सपना अपना घर भी होता है. इसलिए इस साल बजट में गरीबों के लिए 80 लाख पक्के मकान (Pradhan Mantri Awas Yojana) बनाने की बात कही गई है. इस पर करीब-करीब 50,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे.’
अपने बचपन की यादों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा, ‘जब मैं छोटा था, तब लखपति होना बहुत बड़ी बात लगती थी. एक अलग दुनिया हो ऐसा लगता था. लेकिन हमने पिछले 7 साल में जितने लोगों को घर दिए हैं, उनकी कीमत के हिसाब से देखें तो 3 करोड़ लोगों को ये घर देकर हमने ‘लखपति’ बनाया है. मौजूदा समय में हमने पहले के मुकाबले इन घरों के लिए राशि भी बढ़ाई है और इनका साइज भी बढ़ाया है ताकि बच्चों के लिए पढ़ाई की जगह मिल जाए. इसमें से ज्यादा घर महिलाओं के नाम पर भी हैं.’
हुआ देश की अर्थव्यवस्था का विस्तार
पीएम मोदी ने कहा कि सात आठ साल पहले भारत की जीडीपी 1.10 लाख करोड़ रुपये की थी. आज ये 2.30 लाख करोड़ रुपये के आसपास है. इसी तरह 2013-14 में भारत का निर्यात 2,85,000 करोड़ रुपये होता था, जबकि आज भारत का एक्सपोर्ट 4,70,000 करोड़ रुपये के पास पहुंचा है. तब देश का विदेशी मुद्रा भंडार (India Forex Reserve) 275 अरब डॉलर था. आज ये 630 अरब डॉलर को पार कर गया है. देश में एफडीआई निवेश 2013 में 36 बिलियन डॉलर का था. पिछले साल ये 80 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है.
नदियां जोड़ना आधुनिक युग का ‘भागीरथ’ काम
पीएम मोदी ने कहा कि जब गरीब को मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं, तो वह अपनी ऊर्जा देश के विकास में लगाता है. इस बजट का उद्देश्य भी गरीब, युवाओं और मिडिल क्लास को मूलभूत सुविधाओं और जीवन में आय के स्थायी साधनों से जोड़ना है. उन्होंने सरकार की ‘हर घर जल’ (Har Ghar Jal) योजना का उदाहरण देकर समझाया कि जल ही जीवन है, सुनना तो बहुत अच्छा लगता है, लेकिन पानी की समस्या का सामाना गरीब को, महिलाओें को और किसानों को करना ही पड़ता है. अभी हमारे देश में करीब 9 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचने लगा है. इसमें से 5 करोड़ कनेक्शन हर घर जल मिशन के तहत पिछले दो साल में दिए गए हैं. ये देखने में छोटी बात लगती है, लेकिन ये हमारी माताओं-बहनों के समय की बड़ी बचत करता है. खेती-किसानी को आसान बनाता है.
उन्होंने कहा कि इस साल के बजट में करीब 4 करोड़ ग्रामीण घरों में पाइप से पानी का कनेक्शन दिया जाएगा. जब ग्रामीण घर की बात आती है तो उसमें अधिकतम भाग किसानी से जुड़ा होता है. इससे किसान का समय बचेगा, माताओें बहनों का समय बचेगा. इस पर पहले 40,000 करोड़ से ज्यादा खर्च किया गया अब 60,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया जाएगा. हमारे देश की माताओं बहनों का समय बचाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करना आसान और छोटा निर्णय नहीं है.
उन्होंने अपने भाषण में केन-बेतवा रिवर लिंक योजना का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि इससे बुंदेलखंड के किसानों की समस्याओें को दूर करने में मदद मिलेगी. ये क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा को बढ़ाएगा. मेरे देश के किसानों को पानी पहुंचाने के इस काम पर लगभग 44,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे. मेरे किसान भाइयों के खेत में पानी पहुंचाने का ये आधुनिक युग का भागीरथ काम है.’
सीमावर्ती गांव बनेंगे पर्यटन केंद्र
बजट में घोषित ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ का लक्ष्य देश के सीमावर्ती गांवों का पर्यटन केंद्र बनाना है. इन सीमावर्ती गांवों के नजदीकी स्कूलों में NCC का कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, ताकि वो भविष्य में सेना में शामिल होकर देश की सुरक्षा के लिए काम कर सकें.
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