मोदी सरकार के रेल बजट में बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन देश में लाने का प्रस्ताव हो सकता है. रेलवे इस बजट में तेज रफ्तार गाड़ियां चलाने के बारे में घोषणा कर सकती है. यह खबर एक अंग्रेजी अखबार ने दी है.
अखबार के मुताबिक रेलवे दो प्रस्तावों पर विचार कर रही है. एक है 300 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेनों को खास रूट पर चलाने की शुरुआत और दूसरा है 130 से 150 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को वर्तमान रेल लाइनों पर चलाना. इन प्रस्तावों पर जल्द ही मुहर लग सकती है और रेल बजट में इनकी घोषणा हो सकती है.
रेल विभाग के एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि रेल मंत्री इन प्रस्तावों को मूर्त रूप देने को इच्छुक हैं. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की दिली इच्छा है कि देश में तेज रफतार ट्रेनों का एक चतुर्भुज बनाया जाए तथा यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं दी जाएं.
मुंबई से अहमदाबाद और पुणे के बीच बुलेट ट्रेन चलाना रेलवे की वरीयता सूची में ऊपर है. अगर इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति मिल जाएगी तो यह संभव हो जाएगा.
दूसरी ओर देश में ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव नए मंत्री के पास रखा गया था. इसके तहत नए तरह के डिब्बे जैसे कि दिल्ली मेट्रो रेल में हैं, इस्तेमाल किए जाएंगे. इससे ट्रेनों की गति बढ़ जाएगी. अभी राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की औसत रफ्तार महज 85 किलोमीटर प्रति घंटा है. इसे बढ़ाकर 105 किलोमीटर करने की एक योजना पर अभी काम होना है. अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली से हावड़ा की यात्रा के समय में साढे़ तीन घंटे से ज्यादा समय बचाया जा सकेगा.
इनसे ऊर्जा की भी बचत होगी. ऐसी ट्रेनों को चलाने के लिए कोच इम्पोर्ट करने पड़ेंगे. लेकिन वे वर्तमान डिब्बों की तुलना में दुगनी कीमत वाले होंगे. रेल अधिकारियों का कहना है कि इनकी कीमत पांच साल में निकल जाएगी.