वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार, 23 जुलाई को बजट में टैक्स छूट का ऐलान किया. उन्होंने स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार सालाना से बढ़ाकर 75,000 रुपये सालाना कर दिया. इसके साथ ही Tax स्ट्रक्चर को भी संशोधित किया गया. यह बदलाव न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के तहत किया गया. ऐसे में लोगों को टैक्स सेविंग को लेकर बड़ा कंफ्यूजन है कि अगर उनकी सैलरी 50,000 रुपये है या 1 लाख रुपये है तो उन्हें कौन सा टैक्स रिजीम चुनना चाहिए. साथ ही कितना टैक्स पेमेंट करना पड़ेगा? आइए समझते हैं पूरा गणित क्या है.
सबसे पहले ये जान लीजिए कि बजट 2023 से ही न्यू टैक्स रिजीम डिफॉल्ट है, यानी कि अगर आप कोई रिजीम नहीं सेलेक्ट करते हैं तो न्यू टैक्स रिजीम पहले से सेलेक्टेड रहेगा. ऐसे में अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये है तो आपको किसी तरह के टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आपकी सालाना सैलरी सिर्फ 6 लाख ही होती है. इसका मतलब है कि आप टैक्स कैटेगरी में नहीं आते हैं.
1 लाख की सैलरी पर कौन सा टैक्स रिजीम बेहतर?
अब आते हैं 1 लाख की सैलरी पर... अगर आपकी सैलरी 1 लाख रुपये मंथली है तो आप न्यू टैक्स रिजीम या ओल्ड टैक्स रिजीम दोनों में से एक चुन सकते हैं. हालांकि अगर आप 1 लाख की सैलरी पर '0' Tax पे करना चाहते हैं यानी एक भी रुपया टैक्स नहीं देना चाहते हैं तो आपको OLD TAX REGIME सेलेक्ट करना होगा, लेकिन इसके लिए आपको कुछ क्लेम दिखाना होगा, ताकि आपको टैक्स पर छूट (Tax Exemption) मिल सके.
1 लाख की सैलरी पर कैसे लगेगा '0' Tax?
रीइम्बर्समेंट में कितनी छूट क्लेम कर सकते हैं?
निवेश पर छूट कितनी मिलेगी? (सेविंग डिडक्शन)
अब टैक्स क्लेम को जोड़ें तो इतनी हो जाएगी टैक्सेबल इनकम
HRA का कुल क्लेम | 1.80 लाख रुपये |
कुल रीइम्बर्समेंट | 1.98 लाख रुपये |
निवेश पर डिडक्शन | कुल 2.50 लाख रुपये |
स्टैंडर्ड डिडक्शन | 50,000 रुपये |
LTA के तहत छूट | 30 हजार रुपये |
कुल टैक्स छूट | 7.08 लाख रुपये होगा. |
अब 12 लाख रुपये सालाना इनकम में से कुल टैक्सेबल इनकम
12 लाख सालाना सैलरी - 7.08 लाख रुपये टैक्स क्लेम = 4.92 लाख रुपये
कैसे लगेगा 0 टैक्स?
अब यहां इनकम टैक्स का एक और नियम लागू होगा. अब आपकी टैक्सेबल सैलरी ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक है. इसपर आयकर नियम के तहत 5 प्रतिशत का टैक्स लागू होगा, जो कि 12500 रुपये बनता है. वहीं ओल्ड टैक्स स्लैब में 5 साल तक की आय पर सेक्शन 87A के तहत 12,500 रुपये टैक्स रिबेट मिलता है. ऐसे में इनकम टैक्स में रिबेट को घटाने पर कोई टैक्स नहीं बनता है (12500- 12500= 0). इस तरह 12 लाख की आय पर भी आपकी पूरी सैलरी टैक्स फ्री हो जाएगी.