मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट को संसद में पेश कर दिया है. अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा,'भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि लगातार शानदार बनी हुई है. भारत की मुद्रास्फीति स्थिर है, जो 4% के लक्ष्य की ओर है.'
वित्त मंत्री ने कहा है कि गरीब, युवा, महिला, किसान जैसे प्रमुख वर्गों पर ध्यान देने की कोशिश है. रोजगार, कौशल, एमएसएमई, मध्यम वर्ग पर निरंतर ध्यान दिया जा रहा है. भारत की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अपना विश्वास जताया है. उन्हें ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए दोबारा चुना है.
साउथ एक्टर और नेता कमल हासन ने कहा, "एनडीए बजट के लिए बधाई, आशा है कि जल्द ही भारत का बजट आएगा."
INDIA गठबंधन के नेता कल बजट के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेंगे. गठबंधन दलों के नेताओं की मीटिंग चल रही है, जिसमें यह फैसला लिया गया है. विपक्षी गठबंधन ने बजट को भेदभाव वाला बजट बताया है और कहा कि कल 10.30 बजे गठबंधन के सांसद विरोध-प्रदर्शन करेंगे.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "यह बजट गैर एनडीए सरकार के खिलाफ भेदभावपूर्ण है, इसलिए हम संसद के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी चिंताओं को व्यक्त करेंगे. यह संघीय ढांचे के खिलाफ है... यह बीजेपी का बजट नहीं है.. हम भेदभावपूर्ण बजट के खिलाफ अपने मुख्यमंत्रियों को न भेजकर नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने पर भी विचार कर रहे हैं."
केंद्रीय बजट के खिलाफ कल दिल्ली में डीएमके सांसद विरोध-प्रदर्शन करेंगे. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसका ऐलान किया है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "यह बजट विकसित भारत की संकल्प यात्रा का दिशा-निर्देशक बजट है, जो समृद्ध और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ विकसित भारत के संकल्प को नई मजबूती देने वाला है."
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "इस बजट में गरीब कल्याण, किसान का उत्थान, मातृशक्ति का सम्मान और नौजवानों की मुस्कान समाहित है. इस बजट में मातृशक्ति का दर्शन है, तो राम राज्य का विजन भी है. विकसित भारत का संकल्प है, तो आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य भी है."
उन्होंने कहा, "बजट में किसान, मध्यम वर्ग, महिला से लेकर सभी वर्गों के लिए जो रूपरेखा रखी है, वह भारतीय अर्थव्यवस्था को सही रास्ते और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ाएगी."
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि केंद्रीय बजट में केंद्र सरकार द्वारा तेलंगाना राज्य के साथ भेदभाव किया गया है. उन्होंने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री से तीन बार मुलाकात की, प्रधानमंत्री से राज्य के विकास के लिए आगे बढ़ने का अनुरोध किया था."
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने केंद्रीय बजट पर कहा, "यह नए भारत का बजट है. यह भारत को अमृतकाल की ओर ले जा रहा है. यह न केवल प्रभावशाली है बल्कि समावेशी भी है. यह नए भारत, एक समर्थ भारत की शुरुआत है. यह बजट कौशल विकास और रोजगार पहल के माध्यम से हमारे युवाओं की मदद करने के लिए, देश को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करता है. यह सुनिश्चित करता है कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने... यह एक पूर्णतया संतुलित बजट है, जो मोदी 3.0 के लिए दिशा तय करेगा."
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि बजट में कर्नाटक के लिए चोम्बू (खाली बर्तन) दिया गया है. कुर्सी बचाने के लिए आंध्र प्रदेश और बिहार को विशेष सहायता का ऐलान किया गया है लेकिन कर्नाटक को कुछ भी नहीं दिया गया.
सिद्धारमैया ने कहा, "हमने बजट से पहले चर्चा के दौरान वित्त मंत्री से मिलने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था. हमने 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार 5,400 करोड़ रुपये मांगे थे. निर्मला सीतारमण कर्नाटक से राज्यसभा सांसद चुनी गई हैं. हमें उम्मीद थी कि वे कर्नाटक की रक्षा करेंगी."
कर्नाटक सीएम ने आगे कहा, "कर्नाटक के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ. कुल मिलाकर, कर्नाटक को चोम्बू दिया गया. कई विभागों और विंगों को अंतरिम बजट की तुलना में कम राशि मिली है." (इनपुट - अनघा)
केंद्रीय बजट 2024-25 में मंगलवार को गृह मंत्रालय को 2,19,643.31 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें एक बड़ा हिस्सा - 1,43,275.90 करोड़ रुपये - सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय पुलिस बलों को दिए जाएंगे, जो इंटरनल सिक्योरिटी, सीमा की रखवाली और अहम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है. विपक्ष केंद्रीय बजट को कुर्सी बचाओ बजट बता रहा है. इस पर वित्त मंत्री ने कहा, "जो इंडी अलायंस पूरी ताकत लगाने के बाद 230 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई, कुर्सी वो बचा रहे हैं. दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी हैं जिन्हें जनता ने गद्दी पर बैठाया है. पीएम कुर्सी बचा रहे हैं, ये कहने का हक विपक्ष को नहीं है." (इनपुट - ऐश्वर्या)
केंद्रीय बजट में चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना लागू करने का प्रावधान किया गया है और इसके लिए फंड आवंटित किए गए हैं. इस पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "मुझे यह जानकर खुशी हुई कि केंद्रीय बजट 2024 में प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना को लागू करने का प्रावधान किया गया है. 1,000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ यह योजना असम के चाय बागान समुदाय के लिए कई कल्याणकारी अवसर मुहैया करेगी."
केंद्रीय बजट पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "इस बजट से मध्यम वर्गीय परिवारों पर टैक्स का बोझ कम होगा. इस बजट से अपने घर का सपना साकार होगा."
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेशी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "24 महीने तक आप 1 लाख की सीमा तक नए कर्मचारी रख सकते हैं. अगर एम्प्लॉयर 12 महीने के भीतर कर्मचारी को हटाता है तो कर्मचारी सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभ खो देगा. रेलवे पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि रेलवे के लिए एक टिकाऊ बजट रखा गया है. उन्होंने बताया कि रेलवे के लिए 2 लाख 55 हजार का बजट है.
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने केंद्रीय बजट पर कहा, "10 साल से प्रधानमंत्री बजट पर बात कर रहे हैं. बजट से आम जनता को 10 साल में क्या मिला? किसान, बेरोजगार, युवा, छात्र ऐसे बड़े-बड़े वादें होते हैं... बजट पहले एक राज्य गुजरात के लिए बनता था, अब उसमें 2 राज्य और जुड़ गए हैं. सरकार बचाने के लिए पीएम को ये करना जरूरी है. कुर्सी बचाने के लिए बजट बनता है. देश के लिए नहीं बनता है. ये पहली बार देखा है."
केंद्रीय बजट पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "यह एक निराशाजनक बजट है. इसका उद्देश्य सिर्फ सरकार की कुर्सी बचाना है...फसलों पर एमएसपी और कीटनाशकों पर सब्सिडी की जो उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हुई...रेलवे में इतनी दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन रेलवे ट्रैक के सुधार या यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है."
जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा, "हमने बिहार के लिए विशेष दर्जा या विशेष पैकेज की मांग की थी. आज के बजट में बिहार के लिए भरपूर पैकेज है. आप जिस भी क्षेत्र को देखें - चाहे वह बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हो या पर्यटन या सिंचाई का विकास करना हो - हर क्षेत्र में योजनाओं की भरमार है. इन योजनाओं के लागू होने के बाद बिहार की विकास दर में तेजी आएगी..."
पीएम मोदी ने कहा कि NDA सरकार ने पिछले 10 साल में ये सुनिश्चित किया है कि गरीब और मध्यम वर्ग को लगातार टैक्स से राहत मिलती रहे. इस बजट में भी इनकम टैक्स में कटौती और स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि का बहुत बड़ा फैसला लिया गया है. TDS के नियमों को भी सरल किया गया है. इन कदमों से हर टैक्सपेयर को अतिरिक्त बचत होने वाली है.
पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा,'एमएसएमई के लिए, ऋण की सुगमता बढ़ाने के लिए बजट में एक नई योजना की घोषणा की गई है. इस बजट में निर्यात और विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को हर जिले तक ले जाने की घोषणा की गई है. यह बजट स्टार्टअप और अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर लेकर आएगा.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'इस बजट में सरकार ने 'रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना' की घोषणा की है. इससे रोजगार के कई अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी. इस योजना के तहत सरकार कार्यबल में नए शामिल होने वालों को पहला वेतन देगी. अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के तहत गांवों के युवा देश की शीर्ष कंपनियों में काम कर सकेंगे.'
बजट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'पिछले 10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं. यह बजट नए मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण के लिए है. युवाओं को इस बजट से असीमित अवसर मिलेंगे. इस बजट से शिक्षा और कौशल को नया आयाम मिलेगा. यह बजट नए मध्यम वर्ग को ताकत देगा. बजट महिलाओं, छोटे कारोबारियों और एमएसएमई को मदद करेगा.'
मोदी सरकार 3.0 के पहले बजट से पूर्व बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से केंद्र के इनकार को लेकर सियासत गर्म रही. बजट से पहले विशेष राज्य के दर्जे को लेकर सवाल पर पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा भी- सबकुछ धीरे-धीरे पता चलेगा. नजरें बजट पर टिकी थीं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब बजट भाषण शुरू किया, बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए भंडार खोल दिया जिनके समर्थन से सरकार चल रही है.
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नए टैक्स की घोषणा स्वागतयोग्य है. ये बजट भारत की पांच ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा. 140 करोड़ जनता के लिए समर्पित इस बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं.
मोदी सरकार ने मिडिल क्लास और आयकर दाताओं को बड़ी राहत दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 50 हजार रुपये बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया है. इसके साथ ही New Tax Slab में एक बार फिर बदलाव किया गया है.
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,'इन बदलावों के परिणामस्वरूप, नई कर व्यवस्था में वेतनभोगी कर्मचारी 17,500 रुपये तक की बचत कर सकते हैं. इसके अलावा कुछ अन्य बदलाव किए जा रहे हैं. लगभग 37 हजार करोड़ रुपये का राजस्व छूट दिया जाएगा. जबकि लगभग 30,000 करोड़ रुपये का राजस्व अतिरिक्त रूप से जुटाया जाएगा. इस प्रकार राजस्व छूट 7,000 करोड़ रुपये है.'
न्यू टैक्स रिजीम चुनने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए मानक कटौती 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई है. कर अपील दायर करने की मौद्रिक सीमा आईटीएटी के लिए 60 लाख रुपये, उच्च न्यायालयों के लिए 2 करोड़ रुपये और सर्वोच्च न्यायालय के लिए 5 करोड़ रुपये तक बढ़ा दी गई है. सभी वर्गों के निवेशकों के लिए एंजल टैक्स को समाप्त कर दिया गया है. विदेशी कंपनियों पर कॉर्पोरेट टैक्स की दर 40 प्रतिशत से घटाकर 35 कर दी गई है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर स्लैब में बड़े बदलावों की घोषणा की है. अब स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार कर दिया गया है. इस व्यवस्था में तीन लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. 3 से 7 लाख तक की कमाई पर 5 प्रतिशत इनकम टैक्स देना होगा. 7 से 10 लाख की आय होने पर 10 फीसदी की दर से आय कर लगेगा. 10 से 12 लाख के टैक्सेबल इनकम पर 15 फीसदी की दर से आयकर लगेगा. 12 से 15 लाख के टैक्सेबल इनकम पर 20 फीसदी आयकर लगेगा. 15 लाख से ज्यादा के टैक्सेबल आय पर 30 फीसदी की दर से आयकर लगेगा. वहीं, स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार कर दिया गया है.
कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली 3 दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी. कीमती धातुओं के संबंध में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सोने और चांदी पर सीमा शुल्क घटाकर 6% और प्लैटिनम पर 6.5% की जाएगी. नवाचार, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा दिया जाएगा. बुनियादी अनुसंधान और प्रोटोटाइप विकास के लिए अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान कोष की स्थापना की जाएगी. वाणिज्यिक स्तर पर निजी क्षेत्र द्वारा संचालित अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का वित्तपोषण पूल भी बनाया जाएगा.'
Nirmala Sitharaman Speech: अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढांचे के लिए मजबूत राजकोषीय समर्थन बनाए रखने का सरकार का प्रयास. पूंजीगत व्यय के लए 11,11,111 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. ये भारत की GDP का 3.4% है. राज्य सरकारों द्वारा बुनियादी ढांचे निवेश का समर्थन करने के लिए दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,'25 हजार ग्रामीण बस्तियों को सभी मौसमों के अनुकूल सड़कें प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण 4 का शुभारंभ किया जाएगा. बिहार में अक्सर बाढ़ आती रहती है. नेपाल में बाढ़ नियंत्रण संरचनाओं के निर्माण की योजना अभी तक आगे नहीं बढ़ पाई है. हमारी सरकार 11,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. असम, जो हर साल बाढ़ से जूझता है, उसे बाढ़ प्रबंधन और संबंधित परियोजनाओं के लिए सहायता मिलेगी. बाढ़ के कारण व्यापक नुकसान झेलने वाले हिमाचल प्रदेश को भी बहुपक्षीय सहायता के माध्यम से पुनर्निर्माण के लिए समर्थन मिलेगा. इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड, जिसे भूस्खलन और बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है, उसे भी मदद दी जाएगी.'
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,'पर्यटन हमेशा से हमारी सभ्यता का हिस्सा रहा है. भारत को वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने के हमारे प्रयासों से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और अन्य क्षेत्रों में भी अवसर खुलेंगे. मैं प्रस्ताव करती हूं कि बिहार में राजगीर और नालंदा के लिए एक व्यापक विकास पहल की जाएगी. हम ओडिशा में पर्यटन को बढ़ावा देंगे, जिसमें प्राकृतिक सुंदरता, मंदिर, शिल्पकला, प्राकृतिक परिदृश्य, वन्यजीव अभयारण्य और प्राचीन समुद्र तट हैं.'
आदिवासी समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान शुरू किया जाएगा. यह योजना आदिवासी-बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में आदिवासी परिवारों के लिए संतृप्ति कवरेज को अपनाएगी. इससे 63,000 गांवों को कवर किया जाएगा, जिससे 5 करोड़ आदिवासी लोगों को लाभ होगा.
बजट में MSMEs और विनिर्माण का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है. बजट में MSMEs को उनके तनाव की अवधि के दौरान बैंक ऋण जारी रखने की सुविधा के लिए नई व्यवस्था का ऐलान किया गया है. साथ ही मुद्रा ऋण की सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है.
Nirmala Sitharaman Speech Live: वित्त मंत्री ने देश के पूर्वी राज्यों के विकास के लिए पूर्वोदय स्कीम की घोषणा की है. केंद्र ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के विकास के लिए पूर्वोदय स्कीम की घोषणा की है. इसके तहत मानव संसाधन विकास, बुनियादी विकास पर ध्यान दिया जाएगा. इस योजना में बिहार के लिए कई सौगात हैं. अमृतसर- कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत गया में औद्योगिक केंद्र बनाया जाएगा. सांस्कृतिक केंद्रों को आधुनिक आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इस मॉडल को विकास भी विरासत भी का नाम दिया जाएगा.
इसके अलावा रोड कनेक्टिविटी पर भी बढ़ाया जाएगा. इसके तहत पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे, बक्सर भागलपुर एक्सप्रेस वे, बोधगया-राजगीर वैशाली दरभंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा बक्सर में गंगा नदी पर दो लेन का पुल भी बनाया जाएगा. इसके लिए 26000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा केंद्र सरकार ने काशी की तर्ज पर बिहार के गया में विष्णुपद मंदिर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर का निर्माण करने का फैसला किया है.
2400 मेगावाट की क्षमता का पावर प्लांट का निर्माण पीरपैंती में 21400 करोड़ की लागत से किया जाएगा. न्यू एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज भी बिहार में बनाए जाएंगे. कैपिटल निवेश के लिए भी बिहार को मदद दिया जाएगा.
आंध्र प्रदेश के लिए भी सरकार ने अहम घोषणाएं की है. राज्य में राजधानी की जरूरत को स्वीकार करते हुए केंद्र राज्य को अलग अलग एजेंसियों के माध्यम से सहयोग देगा. इस वित्त वर्ष में 15000 करोड़ रुपये इसके लिए व्यवस्था की गई है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि पोलावरम सिंचाई परियोजना को भी सरकार पूरा करने जा रही है. आंद्र प्रदेश पुनर्गठन एक्ट के तहत विशाखापत्तनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारे में कोप्पार्थी क्षेत्र और हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे में ओरवाकल क्षेत्र में विकास के लिए फंड दिया जाएगा.
रायलसीमा, प्रकाशम, उत्तरी तटीय आंध्र के लिए फंड मुहैया कराया जाएगा.
Union Budget 2024 Speech: केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,'सरकार 500 शीर्ष कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने के लिए एक योजना शुरू करेगी. इसमें 5000 रुपये प्रति माह इंटर्नशिप भत्ता और 6000 रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी.'
Nirmala Sitharaman Speech Live: वित्त मंत्री सीतारमण ने बिहार को वित्तीय सहायता की घोषणा की. वित्त मंत्री ने कहा कि हम बिहार के गया में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे. इससे पूर्वी क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी. हम सड़क संपर्क परियोजनाओं के विकास में भी सहयोग करेंगे. पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर राजमार्ग, बोधगया-राजगीर-वैशाली-दरभंगा और बक्सर में गंगा नदी पर 26,000 करोड़ रुपये की लागत से एक अतिरिक्त दो लेन के पुल का निर्माण होगा.
महिलाओं और लड़कियों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पूर्वोत्तर क्षेत्र में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की 100 से अधिक शाखाएं स्थापित की जाएंगी. राष्ट्र की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पोलावरम सिंचाई परियोजना को पूरा किया जाएगा. विशाखापत्तनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारे में कोप्पार्थी क्षेत्र और हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे में ओरवाकल क्षेत्र में विकास के लिए फंड दिया जाएगा.
केंद्रीय बजट 2024-25 में हर साल 25,000 छात्रों की मदद के लिए मॉडल कौशल ऋण योजना में संशोधन का प्रस्ताव है. घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए ई-वाउचर हर साल 1 लाख छात्रों को सीधे ऋण राशि के 3% की वार्षिक ब्याज छूट के लिए दिए जाएंगे.
1. कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और लचीलापन
2. रोजगार एवं कौशल
3. समावेशी मानव संसाधन विकास एवं सामाजिक न्याय
4. विनिर्माण एवं सेवाएं
5. शहरी विकास
6. ऊर्जा संरक्षण
7. अवसंरचना
8. नवाचार, अनुसंधान एवं विकास
9. नई पीढ़ी के सुधार
Nirmala Sitharaman Speech: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,'भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि लगातार शानदार बनी हुई है. भारत की मुद्रास्फीति स्थिर बनी हुई है, जो 4% के लक्ष्य की ओर है. गरीब, युवा, महिला, किसान जैसे प्रमुख वर्गों पर ध्यान देने की कोशिश है. रोजगार, कौशल, एमएसएमई, मध्यम वर्ग पर निरंतर ध्यान दिया जा रहा है.' उन्होंने कहा कि रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी 5 योजनाओं के लिए 2 लाख करोड़ रुपए का बजट है.
Nirmala Sitharaman Speech Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट पेश कर रही हैं. उनका बजट भाषण शुरू हो गया है. उन्होंने कहा,'भारत की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अपना विश्वास जताया है. उन्हें ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए दोबारा चुना है.' वित्त मंत्री ने कहा कि मुश्किल दौर में भी भारत की अर्थव्यवस्था चमक रही है.
Budget 2024 live updates: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार विधान परिषद पहुंचे. जब उनसे राज्य को विशेष दर्जा मिलने को लेकर सवाल किया गया तो वह इशारों ही इशारों में कुछ बोलकर सदन के अंदर चले गए. नीतीश कुमार ने कहा कि सबकुछ धीरे-धीरे पता चलेगा.
Budget 2024: बजट पेश होने से पहले मोदी कैबिनेट से बजट को मंजूरी मिल गई है. अब थोड़ी देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. बता दें कि बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद भवन पहुंच चुके हैं.
(इनपुट- पीयूष)
India Budget 2024: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर कहा,'केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. राष्ट्रपति ने केंद्रीय वित्त मंत्री को शुभकामनाएं दीं.'
Budget 2024 live Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंच चुके हैं. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन पहुंची थीं. वह आज 11 बजे नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेंगी. बता दें कि इस बजट से आम आदमी को काफी उम्मीदें हैं.
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Union Budget 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन पहुंच चुकी हैं. इससे पहले राष्ट्रपति भवन पहुंची थीं, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका मुंह मीठा कराया. इसके बाद वित्त राज्य मंत्री के साथ निर्मला सीतारमण संसद भवन के लिए रवाना हो गईं. राष्ट्रपति भवन से पहले निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय भी पहुंची थीं. बता दें कि दोपहर 11 बजे वित्त मंत्री बजट पेश करेंगी.
India Budget 2024: आज देश का आम बजट (Union Budget 2024) आने वाला है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) अपने कार्यकाल का लगातार सातवां बजट पेश करेंगीं. बजट वाले दिन जहां वित्त मंत्री द्वारा किए जाने वाले ऐलानों पर देश की निगाहें टिकी हैं, तो वहीं शेयर बाजार में भी बजट घोषणाओं का असर देखने को मिल रहा है.आज शेयर बाजार (Share Market) की शुरुआत ग्रीन जोन में हुई और सरकारी कंपनियों के शेयर (PSU Stocks) शानदार तेजी के साथ भागते हुए नजर आए. हालांकि ज्यादा देर तक ये तेजी टिक नहीं पाई. सुबह 09.45 बजे सेंसेक्स करीब 50 अंक फिसल गए, निफ्टी भी रेड जोन में कारोबार कर रहा है. पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Budget 2024 live updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने साथ रेड टैबलेट लेकर राष्ट्रपति भवन पहुंच गई हैं. उनके साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी हैं. बता दें कि वित्त मंत्री आज टैबलेट से संसद में मोदी सरकार 3.0 का पेपरलेस बजट प्रस्तुत करने वाली हैं.
Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण टैबलेट में बजट लेकर वित्त मंत्रालय से निकल चुकी हैं. इससे पहले वह दिल्ली में स्थित अपने आवास से वित्त मंत्रालय के लिए निकली थीं. आज ही वित्त मंत्री संसद में मोदी सरकार 3.0 का पहला बजट पेश करने वाली हैं.
Union Budget 2024: मीडिया रिपोट में यह भी दावा किया गया है कि सरकार पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana) के तहत सालाना 6000 रुपये की राशि को बढ़ाकर 8,000 रुपये तक कर सकती है. वहीं न्यूनतम गारंटी योजना के तहत भुगतान बढ़ाने और महिला किसानों के लिए वित्तीय सहायता का विस्तार कर सकती है. अभी सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना 6 हजार रुपये की राशि यानी हर चार महीने पर 2000 रुपये देती है.
बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि हम इस बार मजबूत बजट पेश करने वाले हैं, जो साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के तौर पर पेश करने पर फोकस रहेगा. उन्होंने कहा था कि आने वाला 5 साल हमारे लिए बेहद खास रहने वाले हैं. उन्होंने देश की इकोनॉमी (Indian Economy) पर बात करते हुए कहा था कि भारत लगातार दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बना हुआ है और लगातार 3 बार से 8 फीसदी ग्रोथ के साथ हम विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय पहुंच चुकी हैं. वह कुछ देर पहले ही घर से वित्त मंत्रालय के लिए घर से निकली थीं. बता दें कि वित्त मंत्री ही आज संसद में मोदी सरकार 3.0 का पहला बजट पेश करेंगी. उनसे पहले वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी वित्त मंत्रालय पहुंच चुके हैं.
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी दिल्ली के अपने आवास से निकलकर नॉर्थ ब्लॉक में स्थित वित्त मंत्रालय पहुंच चुके हैं. घर से निकलने से पहले पंकज चौधरी ने कहा,'यह बजट पीएम मोदी के सबका साथ सबका विकास के मंत्र पर आधारित है.'
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा,'आर्थिक सर्वेक्षण 2024 हमारे राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक व्यापक रोडमैप है. यह इस बात पर प्रकाश डालता है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति सतत विकास लक्ष्यों पर प्रतिबद्धताओं को पूरा करती है और हमारे युवाओं को ज्ञान-संचालित अर्थव्यवस्था से उभरने वाली चुनौतियों और अवसरों का सामना करने के लिए तैयार करती है. आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि कौशल प्राप्ति शिक्षा प्रणाली द्वारा तैयार किए गए आधारभूत ढांचे पर आधारित है. यह कौशल विकास में निजी क्षेत्र की अधिक सक्रिय भूमिका और अभिसरण के माध्यम से कई पहलों से अधिकतम परिणाम प्राप्त करने की वकालत करता है.'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आज बजट 2024 संसद में पेश करेंगी. इस दौरान इंफ्रा से लेकर रेलवे सेक्टर के लिए खास ऐलान हो सकते हैं. बजट में वित्त मंत्री कई बड़े ऐलान कर सकती हैं. खासकर वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए कुछ अलग से ऐलान होने की उम्मीद जताई जा रही है. भारत का मिडिल क्लास केंद्रीय बजट 2024 (Union Budget 2024) का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, मूडीज एनालिटिक्स ने उम्मीद की एक झलक पेश की है, जिसमें कहा गया है कि उनके लिए कुछ महत्वपूर्ण हो सकता है.
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आज देश का बजट (Budget 2024) पेश होने वाला है. ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) कई बड़े ऐलान कर सकती हैं. इस बजट में मिडिल क्लास से लेकर किसानों, महिलाओं और सीनियर सिटीजन (Senior Citizens) तक के लिए बड़े ऐलान किए जा सकते हैं.
हालांकि, अगर सरकार सीनियर सिटीजन के लिए राहत का ऐलान करती है तो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत टैक्स छूट में इजाफा देखने को मिल सकता है. NPS के तहत फिलहाल टैक्स छूट 50 हजार रुपये तक की है, जिसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये तक किया जा सकता है.
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नई कर व्यवस्था में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और होम लोन ब्याज टैक्स लाभ को शामिल करना एक प्रमुख मांग है. पुरानी व्यवस्था के तहत ये लाभ लोगों को मिल रहा है और नई व्यवस्था में इनके शामिल होने से अधिक टैक्सपेयर्स को बदलाव करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है.2018-19 से इक्विटी शेयर या म्यूचुअल फंड यूनिट पर 1 लाख रुपये से ज़्यादा के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 10 प्रतिशत टैक्स लगता है. फाइनेंस एक्सपर्ट मौजूदा आर्थिक माहौल को ध्यान में रखते हुए इस सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का सुझाव देते हैं.इस बात की भी संभावना है कि सरकार वायदा और विकल्प (F&O) व्यापार को सट्टा व्यापार के रूप में फिर से परिभाषित कर सकती है. यह परिवर्तन अन्य इनकम के खिलाफ एफ एंड ओ घाटे की भरपाई करने की क्षमता को सीमित करेगा, इस कदम का उद्देश्य इस क्षेत्र में अत्यधिक खुदरा भागीदारी को रोकना है.
स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी के अलावा, कई टैक्सेशन और फाइनेंस एक्सपर्ट्स 15-20 लाख रुपये के बीच की आय के लिए एक अलग टैक्स स्लैब शुरू करने की वकालत कर रहे हैं. वर्तमान में, 15 लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत कर लगता है. 25 प्रतिशत का नया टैक्स स्लैब अधिक संतुलित हो सकता है.
मिडिल क्लास को उम्मीद है कि टैक्स की रेट कम होंगी और बेसिक छूट सीमा में बढ़ोतरी होगी. वर्तमान में, ओल्ड टैक्स व्यवस्था के तहत बेसिक छूट सीमा 2.5 लाख रुपये और नई व्यवस्था के तहत 3 लाख रुपये है. ऐसी उम्मीद है कि नई व्यवस्था के तहत सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है. टैक्सआराम इंडिया के संस्थापक-निदेशक मयंक मोहनका के अनुसार, इस तरह के कदम से टैक्स रेवेन्यू पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, लेकिन हाई टैक्स स्लैब में आने वालों को काफी बचत हो सकती है.
- पीएम किसान सम्मान निधि बढ़ाई जा सकती है.
- कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर को तेज करने के लिए उपायों की घोषणा हो सकती है.
- ग्रामीण इलाकों में पीएम आवास योजना को लेकर ऐलान हो सकता है.
- मनरेगा के कार्य दिवस बढ़ाने की संभावना, कृषि से जुड़े कामों को भी शामिल करने को लेकर ऐलान किए जा सकते हैं.
- महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों पर फोकस हो सकता है.
- नई कर प्रणाली में आयकर छूट स्लैब की सीमा 5 लाख की जा सकती है.
- खपत बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है.
- हाउंसिग लोन लेने पर भी नई रियायत संभव है.
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया जा सकता है.
- MSME पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है.
- ओपीएस को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है. इस पर समिति अपनी रिपोर्ट दे चुकी है.
- EV यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर भी नए इंसेटिव का ऐलान हो सकता है.
- ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दिया जा सकता है.
- पीएलआई योजना का अन्य क्षेत्रों में विस्तार किया जा सकता है.
- श्रम सुधारों को लेकर लेबर कोड पर स्पष्टता दी जा सकती है.
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पीएम मोदी ने 7 जून को अपने संबोधन में कहा था कि मिडिल क्लास देश के विकास का चालक है. उनकी भलाई और सुविधा हमारी प्राथमिकता है. मोदी ने कहा था कि मिडिल क्लास कैसे कुछ बचत कर सके और उनकी जिंदगी को और कैसे आसान बनाया जा सके, इस दिशा में हम नीति बनाएंगे. इससे संकेत मिलता है कि सरकार बजट में मिडिल क्लास को कुछ राहत दे सकती है.
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वित्त मंत्री अपने इस बजट में पीएम आवास योजना के लिए फंड्स को और ज्यादा बढ़ाने का भी ऐलान कर सकती हैं. पीएम किसान योजना के तहत किसानों को साल में जो 6000 दिया जाता है, उसमें कुछ बढ़ोतरी संभव है.राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में इनकम टैक्स को लेकर भी संकेत दिए हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में भी कुछ राहत दे सकती हैं.न्यू टैक्स रेजिम में इनकम टैक्स स्लैब 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जा सकता है.
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अटकलें हैं कि आने वाले बजट में सरकार का फोकस पूंजीगत खर्च पर हो सकता है. यानी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि पर खास ऐलान कर सकती है. उम्मीद की जा रही है कि मोदी सरकार इस बार के बजट में किसानों की सम्मान निधि, पीएम किसान योजना को लेकर कुछ बड़ा ऐलान भी कर सकती है. इस दौरान कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर को तेज करने के लिए उपायों की घोषणा हो सकती है.