वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (शनिवार को) अपने बजट भाषण में भारत के मरीन सेक्टर की अपार संभावनाओं पर जोर दिया और कहा कि सरकार टिकाऊ मत्स्य पालन (फिशरीज) के लिए एक विशेष रूपरेखा तैयार करेगी. इस योजना में अंडमान और लक्षद्वीप क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है और सी-फूड निर्यात का मूल्य 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. अब वक्त आ गया है कि इन संभावनाओं को पूरी तरह से तलाशा जाए, और इसी दिशा में सरकार एक नई नीति लेकर आ रही है.
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में खासतौर पर अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार इन द्वीपों में टिकाऊ मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष रूपरेखा तैयार करेगी. सरकार की कोशिश है कि भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और उच्च समुद्री क्षेत्रों (High Seas) में मछली उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए. इससे सी-फूड इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी और देश के मछुआरों को नए अवसर मिलेंगे.
समुद्री क्षेत्र को बढ़ावा क्यों जरूरी?
भारत के मरीन सेक्टर में बड़ी संभावनाएं हैं, जिससे मत्स्य पालन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा टिकाऊ मत्स्य पालन नीति से सीफूड एक्सपोर्ट में और इजाफा होगा. इसके अलावा मरीन सेक्टर में सुधार से स्थानीय समुदायों को ज्यादा नौकरियां मिलेंगी, और टिकाऊ मत्स्य पालन से समुद्री संसाधनों की रक्षा होगी और जैव विविधता भी बनी रहेगी.
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने साफ कर दिया कि इस बार का बजट गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी (महिलाओं) पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस आर्थिक विकास की गति को तेज करना है और इसमें मत्स्य पालन की अहम भूमिका होगी. उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं, जैसे मसूर और तुअर जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने की योजना, कपास उत्पादन को मजबूत करने के लिए पांच साल का मिशन और किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करना.
इससे पहले कैबिनेट की बैठक में बजट 2025-2026 को मंजूरी दी गई. पीएम मोदी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा कि ये बजट आम आदमी के लिए है. यह गरीब किसानों, महिलाओं और युवाओं की आकांक्षाओं का बजट है. यह ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति) का बजट है.
बता दें कि यह बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का तीसरे कार्यकाल में दूसरा बजट है. बजट वाले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मधुबनी कला की एक खास साड़ी पहनी. यह साड़ी पद्म पुरस्कार विजेता दुलारी देवी ने उन्हें भेंट की थी. दुलारी देवी ने वित्त मंत्री से कहा था कि वह मधुबनी कला को सम्मान देने के लिए बजट वाले दिन यह साड़ी पहनें.