काफी उम्मीदें थी इस बजट से क्योंकि पांच राज्यों के चुनाव अब दहलीज पर आकर खड़ा है. मध्य वर्ग की निगाहें संसद पर थीं. नौकरीपेशा तबका टकटकी लगाए बैठा था. लगा कि वित्त मंत्री राहतों का पिटारा खोल देंगी, कामकाजी तबके को आयकर में छूट का सूखा इस बार खत्म होकर रहेगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इनकम टैक्स स्लैब में इस बार भी बदलाव नहीं हुआ, पुराना इनकम टैक्स स्लैब ही आगे भी जारी रहेगा. कुल मिलाकर इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं मिली. टैक्स एक्सपर्ट ने इसके बारे में कहा कि ये बूस्टर डोज वाला नहीं, वैक्सीन वाला बजट है. देखें ऐसा क्यों बोले एक्सपर्ट्स.
A common man had a lot of expectations from this budget because the elections of five states are very close. Taxpayers were hoping for a decreased tax or changed tax slab but this did not happen. A tax expert said about this that this is not a booster dose, but a vaccine budget. Know why experts said so.