साल 2014 में सत्ता संभालते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाई चप्पल पहनने वाले साधारण व्यक्ति को भी हवाई जहाज की यात्रा कराने का लक्ष्य रखा था. सरकार इसके लिए उड़ान स्कीम लेकर आई. इसके तहत छोटे शहरों को बड़े शहरों और महानगरों से जोड़ा गया. (Photo: File)
केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के तहत 1000 हवाई मार्गों को शुरू करने का लक्ष्य तय किया है. इसी कड़ी में नागर विमानन मंत्रालय ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के तहत 392 मार्गों के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं. इस योजना का मकसद घरेलू हवाई संपर्क में सुधार करना और विमान यात्रा को सस्ता बनाना है. (Photo: File)
सरकार ने साल 2017 में उड़ान योजना की शुरुआत की थी. उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) योजना के इस साल चार वर्ष पूरे हो रहे हैं, अभी तक इस योजना के तहत 325 मार्ग और 56 हवाईअड्डे परिचालन में है. केंद्र सरकार के 'आजादी का अमृत महोत्सव' (इंडिया@75) की शुरुआत के मौके पर उड़ान 4.1 बोली प्रक्रिया के तहत करीब 392 मार्गों का प्रस्ताव किया गया है. इसके अलावा सरकार देश के प्रमुख शहरों के बीच सी-प्लेन सेवा शुरू करने की योजना बना रही है. (Photo: File)
रविवार को जारी बयान में कहा गया है कि उड़ान 4.1 के तहत छोटे हवाईअड्डों को जोड़ने के साथ विशेष हेलिकॉप्टर और सीप्लेन मार्गों पर ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श में सागरमाला सीप्लेन सेवाओं के तहत कुछ नए मार्गों का भी प्रस्ताव किया गया है. (Photo: File)
ताजा बोली प्रक्रिया 6 हफ्ते में पूरी होने की उम्मीद है. मंत्रालय ने कहा कि छोटे शहरों और हवाई पट्टियों को जोड़ने के लिए एयरलाइंस को परिचालन में कुछ लचीलापन उपलब्ध कराया जाएगा. ताजा दौर में गैर-अनुसूचित परिचालक परमिट (NSOP) के तहत सीप्लेन, फिक्स्ड विंग विमान और हेलिकॉप्टर के परिचालन की भी अनुमित दी जाएगी. (Photo: File)
नागर विमानन मंत्रालय में संयुक्त सचिव उषा पाधी ने कहा कि विशेष उड़ान 4.1 बोली दौर में प्राथमिकता वाले मार्गों के लिए बोलियां मांगी गई हैं. ये मार्ग अभी तक उड़ान के तहत नहीं आते हैं. (Photo: File)
गौरतलब है कि केंद्र सरकार कई प्रमुख शहरों के बीच सी-प्लेन सेवा शुरू करने की योजना पर काम कर रही है. इसके तहत दिल्ली से अयोध्या, टिहरी, श्रीनगर और चंड़ीगढ़ के बीच भी सी-प्लेन उड़ान भरेंगे. सी-प्लेन सेवा देश की अर्थव्यवस्था और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में गेम चेंजर साबित हो सकती है. (Photo: File)