भारतीय मूल के कारोबारी गुप्ता ब्रदर्स (Gupta Brothers) एक बार फिर से दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहे हैं. कभी अपने लग्जरी लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में रहने वाले गुप्ता ब्रदर्स इस बार गलत कारण से खबरों में हैं. दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार (Corruption) के मामलों में फंसने के बाद पिछले कुछ साल से दुबई में रह रहे गुप्ता ब्रदर्स में से दो भाइयों राजेश गुप्ता (Rajesh Gupta) और अतुल गुप्ता (Atul Gupta) को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब दोनों भाइयों को यूएई (UAE) से दक्षिण अफ्रीका (South Africa) ले जाया जा रहा है, जहां वे अपने खिलाफ करप्शन के मुकदमों का सामना करेंगे. (Photo: flickr)
ये कहानी है तीन भाइयों की, जिन्होंने बेहद मामूली स्तर से शुरुआत की और देखते-देखते एक बड़े देश की इतनी बड़ी हस्ती बन गए कि परोक्ष तौर पर सरकार चलाने लग गए. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से राजेश गुप्ता, अतुल गुप्ता और अजय गुप्ता (Ajay Gupta) की यात्रा शुरू हुई. तीनों भाइयों के पिता शिवकुमार गुप्ता (Shivkumar Gupta) सहारनपुर (Saharanpur) में मसालों के जाने-माने कारोबारी थे. वह सहारनपुर के रानीबाजार स्थित रायवाला मार्केट में कभी राशन की दुकान चलाया करते थे. (Photo: Getty)
गुप्ता बंधु 1993 में दक्षिण अफ्रीका पहुंचे. वहां उन्होंने एक शू स्टोर (Shoe Store) से कारोबार की शुरुआत की. धीरे-धीरे उनका बिजनेस चल निकला. इसके बाद गुप्ता बंधुओं ने पहला बड़ा कदम उठाया सहारा कंप्यूटर्स (Sahara Computers) नामक कंपनी बनाकर. इसके बाद तो तीनों भाइयों ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. आईटी से लेकर मीडिया, माइनिंग और रियल एस्टेट तक गुप्ता बंधुओं की धाक जम गई. एक समय गुप्ता परिवार दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में से एक बन गया. (Photo: Getty)
दक्षिण अफ्रीका में गुप्ता बंधुओं का बिजनेस इस कदर सफल हुआ कि साल 2016 में अतुल गुप्ता की नेटवर्थ (Atul Gupta Networth) 773.47 मिलियन डॉलर पहुंच गई और वह दक्षिण अफ्रीका के सातवें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए. तीनों भाइयों ने वहां कई कंपनियां खड़ी कीं. गोल्ड से लेकर यूरेनियम की माइनिंग के क्षेत्र में उनकी तीन कंपनियां ओकबे रिसॉर्सेज एंड एनर्जी, शिवा यूरेनियम माइन और टेगेटा एक्सप्लोरेशन एंड रिसॉर्सेज काम कर रही थीं. इनके अलावा उनके पास वेस्टडॉन इन्वेस्टमेंट, ब्लैक एज एक्सप्लोरेशन, वीआर लेजर सर्विसेज, टीएनए मीडिया, इनफिनिटी मीडिया जैसी कंपनियां भी थीं. रियल एस्टेट में भी तीनों भाइयों का जलवा था. खासकर राजधानी जोहान्सबर्ग में स्थित उनका महलनुमा बंगला खूब चर्चा बटोरता रहा है. (Photo: Getty)
गुप्ता ब्रदर्स का विवादों से नाता नया नहीं है. गुप्ता परिवार पहली बार विवादों में घिरा अप्रैल 2013 में, जब परिवार के एक शादी समारोह में भारत से गए गेस्ट का विमान दक्षिण अफ्रीका की वायुसेना के बेस पर उतरा था. इस स्पेशल ट्रीटमेंट को लेकर खूब हंगामा हुआ और राजनीतिक हलकों में इसकी आलोचना हुई. बाद में इसे लेकर गुप्ता परिवार ने माफी मांगी थी और कहा था कि वे दक्षिण अफ्रीका में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहते थे. यह घटना गुप्तागेट (Gupagate) नाम से चर्चित हुई थी.
गुप्ता बंधुओं का बुरा समय साल 2016 में उस समय शुरू हुआ, जब तत्कालीन उप वित्त मंत्री मसोबिसि जोनास ने आरोप लगाया कि गुप्ता बंधुओं ने उन्हें वित्त मंत्री बनवाने का वादा किया था. इसके बाद गुप्ता बंधुओं पर आरोप लगा कि उन्होंने जैकब जुमा (Jacob Zuma) के साथ संबंधों का इस्तेमाल कर न सिर्फ गलत तरीके से कारोबार को बढ़ाया बल्कि राजनीति में भी दखल देने लगे. विवाद इस कदर बढ़ गया कि दक्षिण अफ्रीका में कभी बहुत लोकप्रिय रहे पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को इन भाइयों की वजह से अपनी कुर्सी गंवानी पड़ गई. (Photo: Getty)
जैकब जुमा के विवादों में घिरने के बाद गुप्ता बंधुओं की मुश्किलें और बढ़ गईं. नई सरकार के ऊपर जनता का काफी दबाव था. गुप्ता ब्रदर्स के भ्रष्टाचार को लेकर दक्षिण अफ्रीका के लोगों में गुस्सा उबल पड़ा. यहां तक कि गुप्ता ब्रदर्स के कारनामों की वजह से भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाए जाने के भी कई मामले सामने आए. इसके बाद 2018 में तीनों भाई दुबई (Dubai) चले गए और वहीं रहने लगे. अब तीनों भाइयों में से दो को UAE से गिरफ्तार किया जा चुका है. (Photo: Wikipedia)