El Salvador में बिटक्वाइन को लीगल बना दिया गया है, जिसका लोग विरोध कर रहे हैं. लोग बिटक्वाइन को लीगल टेंडर बनाने का विरोध कर रहे हैं. ये विरोध तब शुरू हुआ, जब बिटक्वाइन के पहले दिन के रोलआउट में ही तकनीकी खराबी आ गई.
El Salvador में बिटक्वाइन के विरोध के बीच पिछले 24 घंटे में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में 17% तक की गिरावट आई है. इस दौरान बिटक्वाइन की कीमतों में 11.64 फीसदी की गिरावट आई है. इसका भाव अब 46,434 डॉलर पर पहुंच गया है. पिछले हफ्ते यह करेंसी 51 हजार डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा था.
वहीं, बिनांस क्वाइन की कीमत 15.82 फीसदी गिरकर 422 डॉलर पर आ गई. वहीं इथेरियम 10.42% की गिरावट के साथ 3,522 डॉलर पर कारोबार कर रही है. कार्डानो 2.53 डॉलर पर कारोबार कर रही है. इसकी कीमत में 10.63% की गिरावट आई है. पिछले 24 घंटे में XRP की कीमत 16.89% गिरकर 1.14 डॉलर पर कारोबार कर रही है.
गिरने वाली क्रिप्टोकरेंसी की लिस्ट:
बिटक्वाइन- 11.64 फीसदी गिरकर 46,434 डॉलर.
इथेरियम- 10.42 फीसदी गिरकर 3522 डॉलर.
कार्डानो- 10.09 फीसदी गिरकर 2.53 डॉलर.
बाइनेंस क्वाइन- 17.30 फीसदी गिरकर 397.65 डॉलर.
एक्सआरपी- 18.74 फीसदी गिरकर 1.06 डॉलर.
डॉजक्वाइन- 15.58 फीसदी गिरकर 0.241 डॉलर.
यूएसडी क्वाइन- 0.01 फीसदी गिरकर 1.00 डॉलर.
पोलकाडाट- 16.15 फीसदी गिरकर 28.45 डॉलर.
टेथर- 0.02 फीसदी गिरकर 1.00 डॉलर.
गौरतलब है कि बिटक्वाइन की कीमत 3 महीने पहले 32 हजार डॉलर पर चली गई थी. साल 2009 में जब बिटक्वाइन को लॉन्च किया गया था तब उसकी वैल्यू 0 डॉलर थी. 2010 में भी इसकी वैल्यू 1 डॉलर तक नहीं पहुंची. लेकिन आज बिटक्वाइन का रेट हजारों डॉलर में पहुंच गया है.
क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी
क्रिप्टो का मतलब ऐसी चीज जो रियल न हो. क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी मुद्रा है जो कंप्यूटर एल्गोरिद्म पर बनी होती है. यह सिर्फ इंटरनेट और कंप्यूटर पर उपलब्ध होती है. यह एक स्वतंत्र मुद्रा है, जिसका कोई मालिक नहीं होता. यह करेंसी किसी भी एक अथॉरिटी के काबू में भी नहीं होती. डिजिटल या क्रिप्टोकरेंसी इंटरनेट पर चलने वाली एक वर्चुअल करेंसी हैं. बिटक्वॉइन के अलावा दुनिया में सैकड़ों अन्य क्रिप्टोकरेंसी भी मौजूद हैं जैसे- रेड कॉइन, सिया कॉइन, सिस्कॉइन, वॉइस कॉइन और मोनरो.
क्या होता है बिटक्वॉइन
बिटक्वॉइन (Bitcoin) एक क्रिप्टोकरेंसी है. इसे सातोशी नकामोति ने साल 2008 में बनाया था. आजतक यह नहीं पता चल पाया है कि सातोशी नकामोति कौन है? कोई इंसान है या संस्था? कहां का है? इसे पहली बार 2009 में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में जारी किया गया था. इसको कोई बैंक या सरकार कंट्रोल नहीं करती है. भारत में रिजर्व बैंक ने इसे मान्यता नहीं दी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल करेंसी के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में लेन देन की इजाज़त दे दी है. यानी भारत में भी बिटक्वॉइन की खरीद-फरोख्त हो सकती है.