वित्त वर्ष 2020-21 का आज आखिरी दिन है. 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष का आगाज हो जाएगा. कोरोना संकट की वजह से वित्त वर्ष 2021 भारी उतार-चढ़ाव भरा है. शेयर बाजार ने वित्त वर्ष 2020-21 के शुरुआत में निवेशकों को झटका दिया तो लोग सुरक्षित निवेश के विकल्प को तलाशने लगे. जिससे गोल्ड में जमकर निवेश हुआ. (Photo: File)
दरअसल कोरोना संकट के दौरान पिछले साल सोने की कीमतों में जबर्दस्त उछाल देखने को मिला था. क्योंकि शेयर बाजार से निवेशक हाथ खींच रहे थे. वैसे भी देश में जब-जब आर्थिक संकट का बादल मंडराया है, तब-तब सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में निवेश बढ़ा है. (Photo: File)
लेकिन अगर पिछले एक साल का लेखा-जोखा करें तो सोना एक साल पहले जहां था, वहीं अभी है. यानी वित्त वर्ष 2019-20 के आखिरी दिन यानी 31 मार्च 2020 को सोना 43,335 रुपये प्रति 10 ग्राम था, वहीं वित्त वर्ष 2020-21 के आखिरी दिन 31 मार्च को 2021 को सोना 44300 के आस-पास कारोबार कर रहा है. (Photo: File)
अगर सोने की कीमतों की तुलना 31 मार्च 2020 से 31 मार्च 2021 से करें तो अभी सोना 43300 रुपये के आसपास बना हुआ है. जबकि ठीक एक साल पहले भी सोने का भाव यही था. यानी 31 मार्च 2021 को सोने का भाव सालभर पहले जहां था, उसी लेवल पर पहुंच गया है. हालांकि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान सोने रिकॉर्ड हाई स्तर को भी छुआ. (Photo: File)
गौरतलब है कि अगस्त-2020 में MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव 56191 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था. पिछले साल सोने ने 43 फीसदी का रिटर्न दिया था. अपने उच्चतम स्तर से सोना 25 फीसदी तक टूट चुका है. सोना MCX पर 44300 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर ट्रेड कर रहा है. यानी करीब 12000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है. (Photo: File)
अगर चांदी की बात करें तो एक साल पहले 31 मार्च 2020 को चांदी का भाव 40 हजार रुपये किलोग्राम के आसपास था. जबकि ठीक एक साल बाद 31 मार्च 2021 को चांदी की कीमत 62,800 रुपये के आसपास है. ऐसे में चांदी ने पिछले एक साल में 55 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. (Photo: File)