कोरोना के कहर की वजह से मार्च में शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई. भारतीय शेयर बाजार में 23 मार्च को भूचाल आ गया था. 23 मार्च की सुबह 10 बजे लोअर सर्किट लगने से पहले ही बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10,29,847 करोड़ रुपये घटकर 1,05,79,296 करोड़ रुपये रह गया था. यानी कारोबार के शुरुआती एक घंटे में ही निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए.
दरअसल, उस समय और उसके कुछ महीनों बाद तक किसी ने ये उम्मीद नहीं की होगी कि भारतीय शेयर बाजार इतनी तेजी से नवंबर में उच्चतम स्तर का नया रिकॉर्ड बना देगा. क्योंकि 23 मार्च को भारी गिरावट के बाद सेंसेक्स 25,981.24 पर बंद हुआ था, और इसी तरह निफ्टी 7,610.25 पर बंद हुआ था. जहां से अब तक करीब 70 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई है.
शेयर बाजार ने 23 मार्च के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा है. कुछ महीनों तक बाजार की तेजी को देखकर निवेशक इस बात से डरे हुए थे कि कहीं फिर से बाजार में भूचाल न आ जाए. क्योंकि शेयर बाजार की चाल इकोनॉमी की रफ्तार के मुकाबले विपरीत जाती दिख रही थी. कोरोना संकट की वजह से अर्थव्यवस्था पर चौतरफा मार पड़ी है.
जून की तिमाही में जहां जीडीपी में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं शेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी का सिलसिला जारी है. 17 नवंबर को सेंसेक्स और निफ्टी एक नया रिकॉर्ड बना दिया. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 44000 के पार निकला और 43,952.71 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 12800 के ऊपर कायम है.
इस बीच इकोनॉमी में रिकवरी के तमाम कदम उठाए जा रहे हैं. कोरोना संकट के बीच तीन बड़े आर्थिक पैकेज के ऐलान हो चुके हैं. जिसका अब सकारात्मक संकेत भी मिल रहे हैं. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए रणनीति में जुटे हैं. वहीं तमाम रेटिंग एजेंसियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में उम्मीद से तेज रिकवरी का अनुमान जताया है.
ऐसे में अगर इकोनॉमी पटरी पर फिर से लौटती है तो शेयर बाजार की चाल और तेज हो सकती है. बाजार के जानकारों की मानें तो कोरोना संकट के बीच सेंसेक्स ने 44 हजार के आंकड़े को पार कर लिया है और हर रोज नया रिकॉर्ड बन रहा है. जानकारों का कहना है कि अब जल्द ही 50 हजार सेंसेक्स की बात होने लगेगी. भले इस आंकड़े तक पहुंचने में कुछ वक्त लग जाए, लेकिन टारगेट बहुत बड़ा नहीं है.
मॉर्गन स्टैनली की रिपोर्ट
यही नहीं, रेटिंग एजेंसी मॉर्गन स्टैनली ने सेंसेक्स के टारगेट को अपग्रेड करते हुए दिसंबर-2021 तक 50,000 का लक्ष्य दिया है. एजेंसी से ग्रोथ के हिसाब से ये अनुमान लगाया है. मॉर्गन स्टैनली के रिसर्च नोट में कहा गया है, 'हमें उम्मीद है कि 2021 में तरक्की में सुधार का कदम मजबूत होगा और साल 2021 में सालाना ग्रोथ रेट 9.8 फीसदी तक पहुंच जाएगा.