सीरम इंस्टीट्यूट के वित्त वर्ष 2020-21 के वित्तीय आंकड़े अभी भले जारी नहीं हुए हैं. लेकिन कॉरपोरेट डेटाबेस ‘कैपिटलाइन’ के मुताबिक 2019-20 में सीरम इंस्टीट्यूट का मार्जिन सबसे अधिक रहा है. 2019-20 के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर कैपटिलाइन ने कहा है कि इस दौरान कंपनी की शुद्ध आय 5,926 करोड़ रुपये रही और कंपनी का शुद्ध लाभ 2,251 करोड़ रुपये. इस तरह कंपनी ने हर रुपये की कमाई पर सबसे अधिक लाभ अर्जित किया और उसका मार्जिन 41.3% रहा.
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कैपिटलाइन के मुताबिक 2019-20 में 418 कंपनियों ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक आय की घोषणा की थी. इन सभी में सीरम इंस्टीट्यूट का मार्जिन सबसे अधिक रहा जो दिखाता है कि वह सबसे अधिक प्रॉफिटेबल कंपनी है.
वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट की आय और लाभ में कई साल से बढ़ रही है. वित्त वर्ष 2013-14 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 1,741.33 करोड़ रुपये था. इससे अगले साल 2014-15 में यह 1,963.89 करोड़ रुपये, 2015-16 में 2,179 करोड़ रुपये, 2016-17 में 2,057 करोड़ रुपये, 2017-18 में 1,912 करोड़ रुपये, 2018-19 में 2,252 करोड़ रुपये और 2019-20 में 2,251 करोड़ रुपये रहा. वहीं कंपनी की नेट इनकम 2013-14 में 3,636.2 करोड़ रुपये थी जो 2018-19 में बढ़कर 5,871 करोड़ रुपये और 2019-20 में 5,926 करोड़ रुपये हो गई. कंपनी की आय और लाभ से जुड़े ये आंकड़े दिखाते हैं कि कोरोना महामारी से पहले भी सीरम इंस्टीट्यूट लगातार वृद्धि कर रही थी.
कंपनी ने कोरोना की वैक्सीन कोविशील्ड विकसित की है. कोविड की दूसरी लहर और देश में कोरोना वैक्सीनेशन को सभी के लिए खोलने के लिए कोविशील्ड की मांग तेजी से बढ़ी है. इससे कंपनी की आय और लाभ भी बढ़ने की उम्मीद है. इसके लिए कंपनी ने राज्य सरकारों और प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए अलग-अलग रेट तय किए हैं.
कंपनी राज्य सरकारों को 300 रुपये और निजी अस्पतालों को 600 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से कोविशील्ड की आपूर्ति कर रही है. जबकि केन्द्र सरकार को 150 रुपये में भी वैक्सीन देने पर कंपनी लाभ कमा रही है. एक इंटरव्यू में अदार पूनावाला ने खुद कहा था, ‘‘ऐसा नहीं है कि हम लाभ नहीं कमा रहे हैं, लेकिन हम सुपर प्रॉफिट नहीं कमा रहे हैं जो पुन:निवेश की प्रमुख कुंजी है.’’
एक अनुमान के मुताबिक यदि सीरम 300 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से भी कोविशील्ड की 50 करोड़ खुराक बेचती है तो उसे करीब 15,000 करोड़ रुपये की आय होगी. यह कंपनी की 2019-20 की कमाई से लगभग तीन गुना अधिक है. ये इस बात का संकेत है कि आने वाले वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 में कंपनी का भाग्य चमक सकता है. अमेरिकी वैक्सीन कंपनी फाइजर की आय भी 2020-21 में 203% बढ़ी है.
अदार पूनावाला अगले छह महीने में सीरम इंस्टीट्यूट की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. उन्होंने कोविशील्ड के सालाना उत्पादन को 1.5 अरब खुराक से बढ़ाकर 2.5 अरब खुराक करने का लक्ष्य तय किया है. जबकि मांग को पूरा करने के लिए वह इसे अक्टूबर तक बढ़ाकर 3 अरब करने की कोशिश कर रहे हैं.
सीरम इंस्टीट्यूट के साथ-साथ पूनावाला की संपत्ति में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. ब्लूमबर्ग के नवीनतम अरबपति सूचकांक में सीरम के संस्थापक और अदार पूनावाला के प्रमुख साइरस पूनावाला की संपत्ति 100% बढ़कर 16.2 अरब डॉलर (लगभग 1190 अरब रुपये) हो गई है. वित्त वर्ष 2019-20 के अंत में सीरम इंस्टीट्यूट की वर्थ पहले ही 17,929 करोड़ रुपये हो चुकी है. पूनावाला परिवार वैक्सीन उत्पादन के अलावा घोड़ों के अस्तबल भी चलाता है. साथ ही रीयल एस्टेट, एविएशन और वित्त क्षेत्र में भी उसका कारोबार है.