scorecardresearch
 
Advertisement
बिज़नेस न्यूज़

लोन मोरेटोरियम: ब्याज पर ब्याज में राहत का फेस्टिवल बोनांजा, जानें- हर सवाल का जवाब

वित्त मंत्रालय ने किया ऐलान
  • 1/10

केंद्र सरकार ने करोड़ों लोगों को त्योहारी सीजन का तोहफा देते हुए मोरेटोरियम अवधि के दौरान लोन ईएमआई में ब्याज पर लगने वाले ब्याज से राहत दे दी है. वित्त मंत्रालय ने इसके लिए दिशानिर्देश जारी किये हैं. आइए इसके बारे में उठने वाले प्रमुख सवालों के जवाब जानते हैं...

रिजर्व बैंक ने दी थी मोरेटोरियम की सुविधा
  • 2/10

क्या है मसला: कोरोना संकट से परेशान लोगों को राहत देने के लिए रिजर्व बैंक ने इस साल 1 मार्च से 31 अगस्त तक की अवधि में लोन की किस्त चुकाने से लोगों को राहत देते हुए मोरेटोरियम यानी किस्त टालने (बाद में चुकाने) की सुविधा दी थी. लेकिन रिजर्व बैंक ने बैंकों को यह छूट दे दी कि वे इस दौरान के लिए बकाया पर ब्याज ले सकें. इस ब्याज वसूली का मतलब यह था कि बकाया लोन पर ग्राहकों को चक्रवृद्धि ब्याज देना पड़ रहा था.

सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई
  • 3/10

इसका विरोध इस आधार पर किया गया कि यह ब्याज पर ब्याज यानी चक्रवृद्धि ब्याज वसूलने की छूट बैंकों को क्यों दी जा रही है, जबकि कोरोना संकट से सभी कारोबारी और लोग परेशान हैं. सुप्रीम कोर्ट में अभी इस मसले की सुनवाई चल ही रही है. सरकार ने एक हलफनामा पेशकर कर कहा था कि वह 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर लगने वाले ब्याज पर ब्याज को माफ करेगी. 

Advertisement
सुप्रीम कोर्ट ने इसे जल्द लागू करने को कहा था
  • 4/10

सुप्रीम कोर्ट ने इसे जल्द लागू करने को कहा था और यह संकेत दिया था कि सरकार को इसे दिवाली से पहले लागू करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आम आदमी की दिवाली सरकार के हाथ में है. अब वित्त मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को इस बारे में विस्तृत निर्देश जारी कर दिये हैं. 

ब्याज वापस करेगी सरकार
  • 5/10

क्या है स्कीम: सरकार मार्च से अगस्त तक के छह महीने के लिए पात्र कर्जधारकों को एकमुश्त रकम वापस करेगी. यह रकम लोन की किश्त पर चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर के बराबर होगा. रकम ग्राहकों के बैंक खातों में वापस आएगी. 

5 नवंबर तक हो जाएगा भुगतान
  • 6/10

5 नवंबर तक हो जाएगा भुगतान: वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने बताया कि यह भुगतान 5 नवंबर या उससे पहले ही हो जाएगा. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में 2 नवंबर को अगली सुनवाई है और सरकार को तब तक जवाब भी देना है.
 

आठ तरह लोनधारकों को फायदा
  • 7/10

किसे मिलेगा फायदा: एमएसएमई, एजुकेशन, क्रेडिट कार्ड बकाया, हाउसिंग लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन और कंजम्पशन लोन जैसे कुल आठ तरह के 2 करोड़ रुपये तक के लोनधारकों को इसका फायदा मिलेगा.

NPA नहीं होना चाहिए
  • 8/10

क्या हैं शर्तें: इसके लिए शर्त यह रखी गई है लोन स्टैंडर्ड वर्ग के तहत वर्गीकृत होना चाहिए और वह गैर निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) घोषित नहीं होना चाहिए.  इसके तहत गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लोन पर भी यह लाभ मिलेगा. 

2 करोड़ रुपये तक के सभी लोनधारकों को मिलेगा लाभ 
  • 9/10

मोरेटोरियम अप्लाई नहीं करने वालों को भी लाभ: इस स्कीम का लाभ 2 करोड़ रुपये तक के सभी लोनधारकों को मिलेगा चाहे उन्होंने मोरेटोरियम के लिए अप्लाई किया हो या न किया हो. इसके लिए 29 फरवरी तक के ब्याज दर के आधार पर गणना की जाएगी. 

Advertisement
करीब 6,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे
  • 10/10

सरकार यह रकम एकमुश्त तरीके से वापस करेगी और एक अनुमान के अनुसार इस पर केंद्र सरकार के करीब 6,500 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं. 

Advertisement
Advertisement