कोरोना की दूसरी लहर के बाद ज्यादातर रिसर्च एजेंसियों ने भारत की विकास दर के अनुमान घटाकर सिंगल डिजिट में कर दिए थे. लेकिन अनलॉक से शुरू हुई रिकवरी की तेज रफ्तार से अब रेटिंग एजेंसियों के सुर बदल रहे हैं. NCAER ने 2021-22 के लिए 10 फीसदी का अनुमान जाहिर करके इसकी शुरुआत कर दी है.
दरअसल, नौकरियां खोजने वाले लोगों के साथ ही बिक्री बढ़ने का इंतजार कर रहे व्यापारियों के लिए गुड न्यूज आई है. कोरोना की दूसरी लहर के असर से इकोनॉमी के ग्रोथ रेट को डबल से सिंगल डिजिट में करने वाली खबरों के आने का सिलसिला अब थम गया है. अब फिर से रिसर्च एजेंसियां अपने अनुमानों में सुधार करने लग सकती हैं.
इकोनॉमिक थिंक टैंक NCAER ने देश की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर फिर से दोहरे अंकों में यानी 10 फीसदी कर दिया है. इकोनॉमिक थिंक टैंक NCAER की महानिदेशक पूनम गुप्ता ने कहा कि इस बढ़ोतरी के पीछे बड़ी वजह है कि अब सप्लाई सामान्य होने लगी है. साथ ही पारंपरिक और संपर्क सेवाओं में मांग बढ़ी है. और ग्लोबलाइजेशन के दौर की बेहद महत्वपूर्ण कसौटी यानी वैश्विक अर्थव्यवस्था भी दुरुस्त हो गई है.
ऐसे में इस साल अगर ये अनुमान सटीक बैठे तो फिर रिकवरी के रथ पर सवार अर्थव्यवस्था की बदौलत नौकरियों की झमाझम बरसात होगी. नौकरीपेशा जब सैलरी मिलने पर खर्च बढ़ाएंगे तो फिर दुकानदारों का माल बिकेगा यानी फैक्ट्रियों में ज्यादा उत्पादन होगा, जिससे हर तरफ हर्षोल्लास का माहौल कायम हो जाएगा.
हालांकि NCAER के मुताबिक आने वाले बरसों में 7 से 8 फीसदी की विकास दर को बनाए रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है. साथ ही इस साल 10 फीसदी विकास दर हासिल करने के बावजूद प्री-कोविड लेवल यानी 2019-20 के मुकाबले GDP के आकार में मामूली इजाफा होगा. पूनम गुप्ता NCAER की पहली महिला महानिदेशक हैं. थिंक-टैंक में शामिल होने से पहले, वह विश्व बैंक में प्रमुख अर्थशास्त्री थीं.
फिलहाल तो पहला टार्गेट है कि COVID-19 के असर से अर्थव्यवस्था को उबारा जाए. इसमें सबसे बड़ा रोल वैक्सीनेशन का है. NCAER का मानना है कि कोई भी देश टीकाकरण के दम पर अपनी विकास दर को सुधार सकता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी साफ किया है कि इकोनॉमी का आगे का प्रदर्शन टीकाकरण की चाल तय करेगी जो फिलहाल खासी तेज नजर आ रही है.
अब आगे टीकाकरण कैसा रहता है इस पर काफी कुछ निर्भर करेगा. साथ ही अप्रैल-जून तिमाही में 20 फीसदी से ज्यादा विकास दर हासिल करके 2021-22 की ग्रोथ के लिए मजबूत बुनियाद तैयार हो गई है. अब इस नींव पर गगनचुंबी इमारत जैसी इकोनॉमी का निर्माण करने से ही डबल डिजिट ग्रोथ का सपना साकार हो सकता है. (रिपोर्ट: आदित्य के राणा)