सार्वजनिक क्षेत्र के पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) को उसकी सब्सिडरी कंपनियों की संपत्तियों के मोनेटाइजेशन की अनुमति मिल गई है. मतलब ये कि पावर ग्रिड अब अपने कंपनियों की संपत्तियों को बेच सकेगी.
केंद्र सरकार ने इसकी हरी झंडी दी है. इससे कंपनी को पहली खेप में 7,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. प्राप्त राशि का इस्तेमाल पावर ग्रिड अपनी नई और निर्माणाधीन परियोजनाओं में कर सकेगा.
यह पहला मौका होगा जब बिजली क्षेत्र का कोई सार्वजनिक उपक्रम अपनी परिसंपत्तियों को इनविट प्रणाली के जरिए मोनेटाइज करेगा और उससे प्राप्त राशि का नए और निर्माणाधीन पूंजीगत परियोजनाओं में इस्तेमाल करेगा.
पावर ग्रिड की इन संपत्तियों में उच्च क्षमता की ट्रांसमिशन लाइनें और सब- स्टेशन शामिल हैं. विद्युत मंत्रालय के तहत आने वाली पावर ग्रिड कार्पोरेशन एक सार्वजनिक उपक्रम है.