भारतीय रेलवे ने अपने उन कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है, जिनका चयन रेलवे में 01 जनवरी 2004 के पहले हो गया था, लेकिन किसी कारण से वे ज्वाइन नहीं कर पाए थे और अब रेलवे ने ऐसे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम से जुड़ने का एक मौका दिया है. कर्मचारी को 30 सितंबर तक अप्लाई करना होगा.
रेल मंत्रालय की ओर से जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक ऐसे कर्मचारी या अधिकारी जिनका रेलवे में चयन 01 जनवरी 2004 के पहले हो गया था. लेकिन वे सर्विस ज्वॉइन नहीं कर पाए थे, अब उन्हें पुरानी पेंशन स्कीम का फायदा मिलेगा. इस संबंध में दक्षिण रेलवे ने निर्देश जारी कर दिए हैं.
रेलवे के मुताबिक यह मौका केवल उन कर्मचारियों या अधिकारियों को मिलेगा जिनका रिजल्ट और भर्ती की बाकी प्रक्रिया तो 31 दिसंबर 2003 से पहले पूरी हो गई थी. लेकिन वे नौकरी ज्वॉइन नहीं कर पाए थे. क्योंकि वे कर्मचारी इस स्कीम का फायदा नहीं उठा पाएंगे, जो निजी कारणों से नौकरी ज्वॉइन नहीं कर पाए थे.
रेलवे ने बताया कि ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों को न्यू पेंशन स्कीम से ओल्ड पेंशन स्कीम में जाने के लिए केवल एक मौका मिलेगा, जो 30 सितंबर तक ओपन है. उन लोगों को मौका मिलेगा जिनका प्रशासनिक कारणों से जैसे, एजुकेशन और पुलिस वेरीफिकेशन में देरी, मेडिकल में कुछ समस्या, कोर्ट केस सहित अन्य कारणों से ज्वाइनिंग में देरी हुई.
दक्षिण रेलवे के मुताबिक इस सुविधा के लिए रेलवे की ओर से एक फॉर्म जारी किया गया है, जिसे भरकर जमा करना होगा. गौरतलब है कि पिछले कई सालों से लगातार कर्मचारी और अधिकारी पुरानी पेंशन स्कीम की मांग कर रहे थे.
देश की तीनों सेनाओं को पुरानी पेंशन योजना के तहत ही पेंशन मिलती है. OPS की बात करें तो इसमें पेंशन अंतिम ड्रॉन सैलरी के आधार पर बनती थी. OPS में महंगाई दर बढ़ने के साथ डीए (महंगाई भत्ता) भी बढ़ जाता था. जब सरकार नया वेतन आयोग लागू करती है तो भी इससे पेंशन में बढ़ोतरी होती है.
गौरतलब है कि 01 अप्रैल 2004 से नई पेंशन योजना (NPS) लागू की गई है. NPS में नए कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय पुराने कर्मचारियों की तरह पेंशन और पारिवारिक पेंशन के लाभ नहीं मिलेंगे. इस योजना में नए कर्मचारियों से वेतन और महंगाई भत्ते का 10 फीसदी अंशदान लिया जाता है. इतना ही अंशदान राज्य या केंद्र सरकार या संबंधित संस्था को करना होती है.