भारत की अध्यक्षता में राजाधानी दिल्ली में संपन्न हुई जी-20 शिखर सम्मेलन (G-20 Summit) खत्म हो गया और दुनिया भर ने इसे बेहद सफल करार दिया है. इसकी सफलता का जश्न भारतीय शेयर बाजार (Share Market) भी मनाता हुआ नजर आया और सोमवार को इसके प्रमुख निफ्टी-50 इंडेक्स ने नए शिखर पर पहुंचते हुए इतिहास रच दिया. ऐसा पहली बार हुआ है कि Nifty-50 20,000 के लेवल के पार पहुंचा है.
भारत के साथ खड़े दिखे सदस्य देश
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए जी-20 शिखर सम्मेलन (G-20 Summit) शानदार साबित हुआ है. 9 और 10 सितंबर को हुए इस समिट में अमेरिका से लेकर फ्रांस तक, कनाडा से लेकर जापान तक तमाम देश शामिल हुए और भारत के प्रस्तावों पर एकमत के साथ रजामंदी दी. फिर बात इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप कनेक्टिविटी कॉरिडोर की हो या फिर 6G टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ने की. इस जी-20 समिट के दौरान जो बड़े फैसले लिए गए उनका तत्काल असर शेयर बाजार निफ्टी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के रूप में दिखा है. आइए नजर डालते हैं भारत के लिए आईं ऐसी ही 5 गुड न्यूज की...
इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप कनेक्टिविटी कॉरिडोर
G-20 Summit के पहले दिन ही पहली गुड न्यूज मोदी सरकार के लिए इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप कनेक्टिविटी कॉरिडोर लॉन्च किए जाने की आई. ये भारत के लिए एक बड़ी सफलता और चीन के लिए बड़ा झटका है. दरअसल, इसे चीन की बेल्ट एंड रोड परियोजना के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है. इस कॉरिडोर का उद्देश्य संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, जॉर्डन और इजराइल से होते हुए भारत से यूरोप तक फैले रेलवे मार्गों और बंदरगाह लिंकेज को एकीकृत करना है. रेल लिंक से भारत और यूरोप के बीच व्यापार करीब 40% तक तेज हो सकता है.
भारत के इस प्रस्ताव पर सदस्य देशों ने सहमति जताई. इस खबर का असर रेलवे से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर हुआ है और सोमवार को इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन का शेयर (IRFC Stock) अपर सर्किट के साथ 9.99 फीसदी उछलकर 84.80 रुपये के लेवल पर बंद हुआ.
6G टेक्नोलॉजी पर भारत-यूएस में सहमति
दूसरी गुड न्यूज की बात करें तो भारत और अमेरिका के बीच जी-20 के दौरान ही 6जी टेक्नोलॉजी (6G Technology) को डेवलप करने पर सहमति बनी है. इसके लिए जो अलायंस और MoU तैयार हुआ है, वह सिर्फ टेक्नोलॉजी को डेवलप करने पर नहीं, बल्कि उसकी सप्लाई चेन विकसित करने पर भी फोकस करेगा. ये करार भी चीन के कनेक्टिविटी डिवाइस सेक्टर में वर्चस्व को कम करने वाला साबित होगा. बता दें कि फिलहाल 5G के मामले में चीन का दुनिया के बाजार में दबदबा है. India-US के बीत इसे लेकर बनी सहमति का असर आईटी शेयरों पर दिखाई दिया और TCS, Infosys और विप्रो समेत अन्य कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए.
अफ्रीकन यूनियन की जी-20 में एंट्री
मोदी सरकार के लिए तीसरी गुड न्यूज की बात करें तो G-20 Summit में भारत ने अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का स्थायी मेंबर बनाने का प्रस्ताव रखा था. बतौर अध्यक्ष सभी देशों की सहमति से PM Modi ने इसे पारित किया. इससे अफ्रीका में चीन के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लगेगा. भारत का यह कदम अफ्रीकी महाद्वीप पर चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए काफी अहम माना जा रहा है. भारत और अफ्रीका के बीच व्यापार और शिक्षा से लेकर हेल्थ और तकनीकी तक सहयोग का एक लंबा इतिहास है.
भारत बनेगा दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनॉमी
अब बात करें भारत के लिए चौथी गुड न्यूज की, तो ये अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF की ओर से आई है. G-20 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने आईं आईएमएफ की डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा है कि साल 2027-28 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (India Third Largest Economy) बन जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में भारत का ग्लोबल डेवलपमेंट में अहम रोल होगा और वैश्विक ग्रोथ में देश का योगदान 15 फीसदी तक पहुंच जाएगा.
Nify-50 ने रच दिया इतिहास
पांचवी गुड न्यूज भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) से आई है, जिसका जिक्र ऊपर किया गया है. सोमवार को कारोबार के दौरान स्टॉक मार्केट के प्रमुख इंडेक्स नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी (Nifty) मे पहली बार 20,000 का लेवल पार लिया. कारोबार के आखिरी घंटे में इतिहास रचते हुए निफ्टी 20,008 के ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया. हालांकि, मार्केट में कारोबार खत्म होने पर इसमें कुछ गिरावट देखने को मिली और अंत में Nifty-50 176.40 अंक चढ़कर 19,996.35 के लेवल पर क्लोज हुआ. निफ्टी का पहली बार इस मुकाम पर पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है.