शेयर बाजार ने दिवाली से पहले ही जश्न मना लिया है. सेंसेक्स और निफ्टी ऑल टाइम हाई पर पहुंच गये और सेंसेक्स ने मंगलवार को 43 हजार का स्तर पार कर लिया. कोरोना संकट के बीच शेयर बाजार की यह ऊंचाई हैरान करती है. अमेरिका में जो बाइडेन की जीत शेयर बाजारों की तेजी की एक वजह जरूर है, लेकिन इसके लिए कई और कारक जिम्मेदार हैं जो पिछले कुछ दिनों से बाजार को सहारा दे रहे थे. आइए जानते हैं ऐसी पांच बड़ी वजह क्या हैं जिनकी वजह से बाजार इतनी ऊंचाई पर पहुंचा है.
1. अच्छे अंतरराष्ट्रीय संकेत
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन की जीत का दुनियाभर के शेयर बाजारों ने स्वागत किया है. एशिया-प्रशांत के जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और हांगकांग के बाजारों में अच्छी तेजी देखी गई. कारोबारियों को लगता है कि अब अमेरिका में और राहत पैकेज मिलेगा तथा नियमों में बदलाव होगा. डॉलर में कमजोरी और विदेशी फंडों द्वारा शेयर बाजार में अच्छे निवेश से भी निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है.
भारतीय निवेशकों को लगता है कि अब बाइडेन के कार्यकाल में अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते और बेहतर होंगे क्योंकि दोनों देश मिलकर चीन की बढ़ती ताकत का मुकाबला करना चाहेंगे. आईटी शेयरों में तेजी की एक वजह अमेरिका में जो बाइडेन की जीत है, क्योंकि इस सेक्टर को लगता है कि अब अमेरिका में एच-1 वीजा नियमों में नरमी बरती जाएगी.
2. देश में सकारात्मक आर्थिक संकेत
कोविड काल में काफी दिन बाद देश और दुनिया में अब लगातार कई मजबूत आर्थिक संकेत मिल रहे हैं. अमेरिका में अक्टूबर महीने में 6.38 लाख नई नौकरियां मिली हैं और बेरोजगारी दर घटकर 6.9 फीसदी रह गई है. भारत में मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई, ई-वे बिल, जीएसटी कलेक्शन जैसे कई बेहतर आंकड़े आए हैं.
3. दूसरी तिमाही के नतीजे
बैंकिंग शेयरों में अच्छी तेजी देखी गई है. बैंक निफ्टी, आईटी, मेटल शेयरों में तेजी देखी गई है. हाल में आए आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, एक्सिस बैंक के सितंबर तिमाही के नतीजे बेहतर देखे गये हैं. इसी तरह फार्मा में डिवीज लैब का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है.
4. FII का अच्छा निवेश
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के अच्छे निवेश से भी सेंटिमेंट में सुधार हुआ है. नवंबर के पहले पांच कारोबारी सत्र में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार में 8,381 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जबकि अक्टूबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से शुद्धरूप से 22,033 करोड़ रुपये निकाल लिए थे.
5. टेक्निकल आउटलुक
दलाल स्ट्रीट पर तेजड़िये यानी तेजी पर दांव लगाने वाले हावी हैं जिसकी वजह से निफ्टी 50 लगातार हरे निशान में बना हुआ है. बाजार के जानकार कहते हैं कि 11,900 की बाधा को पार कर लेने के बाद निफ्टी के लिए वापसी का रास्ता नहीं था. निफ्टी यदि 12,500 के साप्ताहिक प्रतिरोध स्तर को पार कर जाता है, तो इसके फिर 12,650 तक जाने की उम्मीद की जा सकती है. मंगलवार को निफ्टी 12,598 की ऊंचाई तक पहुंच भी गया.
(www.businesstoday.in के इनपुट पर आधारित)