scorecardresearch
 
Advertisement
बिज़नेस न्यूज़

बैंकों के लिए 31 मार्च काफी अहम, देर रात तक हो सकता है काम

सरकारी खातों का हिसाब किताब
  • 1/5

वित्त वर्ष का अंतिम दिन यानी 31 मार्च बैंकों के लिए काफी अहम होता है. भारत सरकार एक अप्रैल से 31 मार्च को अपना वित्त वर्ष मानती है. इसलिए 31 मार्च को बैंक केंद्र और राज्य सरकारों के सरकारी खातों का हिसाब-किताब पूरा करते हैं. ताकि 1 अप्रैल को पुराने वित्त वर्ष के खाते बंद करके नए खाते शुरू किए जा सकें. (सांकेतिक फोटो)

देर तक काम होता है
  • 2/5

वित्त वर्ष के अंतिम दिन बैंक के कर्मचारियों के पास काफी काम होता है. कुछ ब्रांचेज में देर रात तक सरकारी खातों की क्लोजिंग चलती है. वित्त वर्ष का अंत होने की वजह से आम ग्राहकों की भी काफी भीड़ होती है और उनका पूरा काम निपटाने के लिए ब्रांचेज में देर तक काम होता है.

ग्राहकों की नो-एंट्री!
  • 3/5

बैंकों में 31 मार्च के अगले दिन यानी 1 अप्रैल को आम ग्राहकों की नो-एंट्री होती है. इसकी वजह यह है बैंकों मेंं उस दिन पूरे साल के एकाउंट की क्लोजिंग होती है.  हालांकि डिजिटल बैंकिंग से ग्राहक उस दिन भी लेनदेन कर सकते हैं. (सांकेतिक फोटो)

Advertisement
चेकों की स्पेशल क्लीयरिंग
  • 4/5

इस बार 31 मार्च को सरकारी खातों से जुड़े चेक की स्पेशल क्लीयरिंग के लिए रिजर्व बैंक ने विशेष समय तय किया है. उस दिन शाम 5 से साढ़े पांच बजे के बीच चेक क्लीयरिंग की जाएगी जबकि शाम सात से साढ़े सात बजे के बीच रिटर्न क्लीयरिंग का काम होगा. (सांकेतिक फोटो)

NEFT करेगा 24 घंटे काम
  • 5/5

रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार उस दिन NEFT और RTGS सिस्टम 24 घंटे काम करेंगे. साथ ही जीएसटी, ई-रिसीट लगेज फाइल को अपलोड करने का समय भी रात्रि 12 बजे तक बढ़ा दिया गया है. (सांकेतिक फोटो)

Advertisement
Advertisement