भारत और एशिया के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी (Gautam Adani) अपने कारोबार में हर रोज सफलता की नई ऊंचाई छू रहे हैं. इंडिया टुडे ने गौतम अडानी को 'न्यूज मेकर ऑफ द ईयर' घोषित किया है. इसके तहत इंडिया टुडे से खास बातचीत में उन्होंने अपने कारोबार से लेकर भारत की इकोनॉमी से जुड़े तमाम सवालों के जवाब दिए. साथ ही उन्होंने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के फाउंडर धीरूभाई अंबानी (Dhirubhai Ambani) से वो क्यों प्रभावित हैं.
गौतम अडानी ने कहा कि धीरूभाई लाखों भारतीय उद्यमियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं. उन्होंने बिना किसी सहयोग के और तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद ना सिर्फ विश्व स्तरीय व्यापार समूह खड़ा किया बल्कि एक विरासत को भी छोड़ा, मैं शुरू से ही धीरूभाई से प्रभावित हूं.
धीरूभाई अंबानी की तरह गौतम अडानी भी पहली पीढ़ी के कारोबारी हैं. उनका जन्म 1962 में गुजरात के एक छोटे से कस्बे थराड़ में शांति लाल और शांता बेन अडानी के परिवार में हुआ था. यह एक शुद्ध शाकाहारी जैन वैश्य परिवार था. अडानी कुल सात भाई बहन हैं. उनके पिता कपड़े का व्यापार करते थे.
गौतम अडानी ने अहमदाबाद के एससीएन विद्यालय से स्कूली शिक्षा हासिल की थी. उनका परिवार एक छोटे से कस्बे थराड़ से अहमदाबाद आया था. वह बहुत धीरे और आराम से बोलते हैं. उनकी मातृभाषा गुजराती रही है, इसलिए पहले उन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी.
गौतम अडानी ने बीकॉम में एडमिशन लिया था, लेकिन पढ़ाई पूरी न कर पाए. 18 साल की उम्र में वह कारोबार के लिए मुंबई चले गए. उन्हें बॉलीवुड म्यूजिक सुनना और एक्शन मूवी देखना पसंद है. वह गुजराती शाकाहारी खाना पसंद करते हैं.
गौतम अडानी ने साल 1988 में कमोडिटी का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट करने वाली कंपनी के रूप में अडानी एक्सपोर्ट्स की शुरुआत की, जिसका बाद में नाम बदलकर अडानी एंटरप्राइजेज कर दिया गया था. अडानी एक्सपोर्ट्स की स्थापना सिर्फ 5 लाख रुपये की पूंजी से की गई थी. अडानी एंटरप्राइजेज 1994 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी.
महज 5 लाख रुपये से अपनी पहली कंपनी शुरू करने वाले अडानी करीब दो दशक में कारोबार जगत के सरताज बन गए. खासकर पिछले 5 से 7 साल में अडानी ग्रुप का कारोबार तेजी से फैला है. साल 1995 का साल गौतम अडानी के लिए बेहद सफल साबित हुआ, जब उनकी कंपनी को मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) के संचालन का कॉन्ट्रैक्ट मिला.
रिलायंस इंडस्ट्रीज की नींव रखने वाले धीरूभाई अंबानी अपने दृढ़ संकल्प के बूते भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति बनकर उभरे थे. महज 10वीं तक पढ़ाई करने वाले धीरूभाई अंबानी भीड़ से हटकर सोचने वाले व्यक्ति थे.
गौतम अडानी ने ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में माइंस, पोर्ट और रेलवे जैसे कारोबार में कदम रखा. साल 2010 में उन्होंने इंडोनेशिया में माइनिंग कारोबार शुरू किया. साल 2011 में अडानी ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया के अबॉट पॉइंट कोल टर्मिनल को 2.72 अरब डॉलर में खरीदा.