भारत में अब तक आठ हवाईअड्डों (Airports) को परिचालन के लिए निजी हाथों में दिया गया है. इनमें से सात एयरपोर्ट के प्रबंधन और परिचालन का अधिकार अकेले गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd) के पास है. सरकार ने सोमवार को इसकी जानकारी दी.
इन सात हवाईअड्डों का परिचालन कर रही अडानी की कंपनी
नागर विमानन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह (रिटायर्ड) ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा (Rajya Sabha) को बताया कि अब तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने आठ हवाईअड्डों का परिचालन प्राइवेट कंपनियों (Private Companies) को दिया है. ये हवाईअड्डे दिल्ली (Delhi), मुंबई (Mumbai), अहमदाबाद (Ahmedabad), जयपुर (Jaipur), लखनऊ (Lucknow), गुवाहाटी (Guwahati), तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) और मंगलुरू (Mangluru) के हैं. प्राइवेट कंपनियों को ये हवाईअड्डे पीपीपी (PPP) के आधार पर परिचालन, प्रबंधन और विकास के लिए दिए गए हैं.
अडानी की झोली में तिरुवनंतपुरम सबसे नया नाम
राज्यसभा सदस्य के. सोमप्रसाद (K Somaprasad) के सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि इनमें से सात हवाईअड्डों का परिचालन अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) कर रही है. ये सात हवाईअड्डे मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मंगलुरू के हैं. अडानी एंटरप्राइजेज ने तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे का परिचालन इसी साल 14 अक्टूबर से शुरू किया है.
सिर्फ दिल्ली एयरपोर्ट का अधिकार अडानी के पास नहीं
दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (Indira Gandhi International Airport) का परिचालन डेल्ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) कर रही है, जो जीएमआर (GMR Group) ग्रुप का हिस्सा है. पीपीपी मॉडल के तहत निजी क्षेत्रों के हाथों में परिचालन कर रहे आठ हवाईअड्डों में दिल्ली एयरपोर्ट अकेला है, जिसका अधिकार अडानी के पास नहीं है.