अगर अपने कारोबार का कम समय में जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने की सोच रहे हैं तो आपके पास आधार कार्ड नंबर होना जरूरी है. इसके जरिए आपके व्यवसाय के जीएसटी रजिस्ट्रेशन को तीन कार्य दिवस में मंजूरी मिल जाएगी. वहीं, अगर व्यवसाय आधार संख्या नहीं देते हैं तो उनके फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन दिया जाएगा. इस प्रक्रिया में 20 दिन से ज्यादा समय लग सकता है.
दरअसल, 14 मार्च 2020 को आयोजित जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक में नए करदाताओं के लिए आधार ऑथेंटिफिकेशन के बेस पर जीएसटी ररिजस्ट्रेशन को मंजूरी दी गई थी. लेकिन कुछ ही दिन बाद लॉकडाउन लागू होने की वजह से इसका कार्यान्वयन टाल दिया गया. अब बीते 21 अगस्त से ये प्रभावी हो गया है.
क्या है प्रोसेस, 5 स्टेप में समझें
- सबसे पहले जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदक को यह चुनने का विकल्प दिया जाता है कि वह आधार को प्रमाणित करना चाहता है या नहीं.
-आवेदक YES पर क्लिक करता है, तो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर एक ऑथेंटिफिकेशन लिंक साझा किया जाएगा.
- इस ऑथेंटिफिकेशन लिंक पर क्लिक करने पर आपकी स्क्रीन पर डिक्लेरेशन नजर आएगा. यहां आपको अपना आधार नंबर डालकर सब्मिट करना होगा.
- अगले स्टेप में आपको मैसेज या ई-मेल आईडी के जरिए ओटीपी मिलेगा. ओटीपी एंटर करने के बाद, वैलिडेट पूरा हो जाएगा और इलेक्ट्रॉनिक-ई-केवाईसी ऑथेंटिफिकेशन का आपको मैसेज मिलेगा.
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- आधार के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को https://resident.uidai.gov.in/verify पर पंजीकृत किया जा सकता है. अगर आप इस प्रोसेस को नहीं अपनाना चाहते हैं तो आपके पास NO का विकल्प रहेगा.
सरकार ने बताए जीएसटी के फायदे
इस बीच, वित्त मंत्रालय ने कहा है कि जीएसटी की वजह से करदाताओं का आधार दोगुना होकर 1.24 करोड़ पर पहुंच गया है. मंत्रालय ने कहा, ‘‘अब व्यापक रूप से सब मानने लगे हैं कि जीएसटी उपभोक्ताओं और करदाताओं दोनों के अनुकूल है. जीएसटी से पहले कर की ऊंची दर की वजह से लोग करों का भुगतान करने में हतोत्साहित होते थे. लेकिन जीएसटी के तहत निचली दरों से कर अनुपालन बढ़ा है.’’ मंत्रालय ने कहा कि जिस समय जीएसटी लागू किया गया था उस समय इसके तहत आने वाले करदाताओं की संख्या 65 लाख थी. आज यह आंकड़ा बढ़कर 1.24 करोड़ पर पहुंच गया है.