सीमेंट कंपनी एसीसी (ACC Cement) के सितंबर तिमाही के आंकड़े ने सभी को चैंका दिए हैं. कंपनी को सालाना आधार पर जुलाई से सितंबर की तिमाही में 91 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 449 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल किया था. अगर जून की तिमाही की बात करें, तो कंपनी को तब 222 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था. सितंबर की तिमाही को लेकर एनालिस्ट्स ने अपनी रिपोर्ट में 133 करोड़ रुपये के प्रॉफिट का अनुमान लगाया था. अडानी ग्रुप (Adani Group) ने हाल ही में एसीसी सीमेंट का अधिग्रहण किया है.
सेल्स में इजाफा
सालाना आधार पर कंपनी की सेल्स में इजाफा हुआ है. ACC ने स्टॉक एक्सचेंज की फाइलिंग में बताया कि साल-दर-साल (YoY) में नेट सेल्स 7 फीसदी बढ़ी है और यह 3,910 करोड़ रुपये हो गई है. हालांकि, कंपनी का एबिटा 712 करोड़ के मुकाबले 16 करोड़ रुपये था.
क्यों हुआ कंपनी को नुकसान?
एबिटा वो मुनाफा होता है जो कंपनी Interest, Tax, Depreciation और Amortization को घटाने से पहले कमाती हैं. ACC सीमेंट की ये कमाई फ्यूल की कॉस्ट में हुई भारी बढ़ोतरी की वजह से प्रभावित हुई है. कंपनी का एबिटा मार्जिन 0.4 फीसदी आया, जबकि अमुमान लगाया जा रहा था कि ये 6 फीसदी तक रह सकता है.
दो सीमेंट कंपनियों का अधिग्रहण
इस साल मई में अडानी ग्रुप ने स्विस फर्म होल्सिम के भारत के कारोबार को 10.5 बिलियन डॉलर (81,361 करोड़ रुपये) में खरीदने की रेस को जीता था. होल्सिम की अंबुजा सीमेंट्स में 63.19 फीसदी और एसीसी में 4.48 फीसदी हिस्सेदारी थी. इस सौदे के पूरा होने के बाद अडानी की अंबुजा सीमेंट्स में 63.15 फीसदी और एसीसी में 56.69 फीसदी हिस्सेदारी (अंबुजा सीमेंट्स के जरिये 50.05 फीसदी हिस्सेदारी हो गई.
ACC रेडी-मिक्स कंक्रीट प्रोडक्शन वाली भारत की प्रमुख सीमेंट कंपनियों में से एक है. कंपनी के पास 83 से अधिक कंक्रीट प्लांट हैं.
एसीसी सीमेंट के शेयरों में गिरावट
स्टॉक मार्केट में एसीसी सीमेंट के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है. कंपनी के शेयर 1.81 फीसदी की गिरावट के साथ 2,229 कारोबार कर रहे हैं. दूसरी तरफ अडानी इंटरप्राइजेज के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है. अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर आज 2.06 फीसदी की तेजी के साथ 3,278 पर ट्रेड कर रहे हैं.