चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) की शीर्ष इकाई इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंडिया (ICAI) बहुत जल्द और शक्तिशाली बनने जा रही है. सरकार ICAI को उन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की पार्टनरशिप फर्म के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की शक्ति देगी, जो किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल होंगी.
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट में होगा संशोधन
आईसीएआई (ICAI) को मजबूत बनाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कॉस्ट एंड वर्क्स एकाउंटेंट्स और कंपनी सेक्रेटरीज (संधोधन) विधेयक-2021 पेश किया है. ये विधेयक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट-1949, कॉस्ट एंड वर्क्स एकाउंटेंट्स एक्ट-1959 और कंपनी सेक्रेटरीज एक्ट-1980 के कुछ अहम प्रावधानों में संशोधन करेगा. ये विधेयक चार्टर्ड अकाउंटेंट पर नियामकीय शिकंजा कसेगा. इसी के साथ कॉस्ट अकाउंटेंट्स और कंपनी सेक्रेटरी की शीर्ष इकाइयों को भी नई शक्तियां मिलेंगी.
बीते कुछ सालों में कई आर्थिक अपराधों में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका संदिग्ध पाई गई है और वे रेग्युलेटर्स की जांच के दायरे में भी आए हैं. वहीं सरकार भी कंपनियों में संभावित गड़बड़ियों पर लगाम लगाने की लगातार कोशिश कर रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ये संशोधन लेकर आई है.
सिर्फ मेंबर्स पर कार्रवाई कर सकती है ICAI
अभी ICAI सिर्फ अपने सदस्यों पर ही कार्रवाई कर सकती हैं. आईसीएआई के अध्यक्ष निहार एन. झांबुसरिया के हवाले से पीटीआई ने खबर दी है कि कानून में प्रस्तावित संशोधन पार्टनरशिप फर्म के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्तियां प्रदान करेगा.
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