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संकट में बने थे Gautam Adani का सहारा, 6 कंपनियों में बड़ा निवेश, राजीव जैन बोले- 'मामले को देख रहे हैं...'

Hindenburg मामले में जब गौतम अडानी संकट में थे, उस समय GQG पार्टनर्स के राजीव जैन ने उनकी कंपनियों में बड़ा इन्वेस्टमेंट करते हुए सहारा दिया था. अब एक बार फिर अडानी अमेरिका में आरोपों में घिरे और इसके साथ ही Rajiv Jain ने भी बड़ा बयान दिया है.

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अडानी ग्रुप की छह कंपनियों में राजीव जैन की कंपनी का बड़ा निवेश
अडानी ग्रुप की छह कंपनियों में राजीव जैन की कंपनी का बड़ा निवेश

अमेरिका में अडानी ग्रुप की कंपनी Adani Green पर जांच और गौतम अडानी समेत उनके परिवार के सदस्यों और कंपनी के अधिकारियों पर लगे आरोपों के बाद से Adani Group के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी है. बीते कारोबारी दिन गुरुवार को जहां अडानी स्टॉक्स 20 फीसदी तक फिसले थे, तो वहीं शुक्रवार को भी इनमें गिरावट देखने को मिल रही है. इस बीच गौतम अडानी की कंपनियों में बड़ा इन्वेस्टमेंट करने वाले GQG पार्टनर्स के राजीव जैन (Rajiv Jain) का बड़ा बयान आया है. बता दें कि जब 2023 में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी संकट में आए थे, तब राजीव जैन ने बड़ा निवेश करते हुए उन्हें सहारा दिया था.  

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265 मिलियन डॉलर रिश्वत का मामला
गौरतलब है कि 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत की पेशकश करने के मामले में अमेरिकी न्याय विभाग और मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने अडानी ग्रीन एनर्जी से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीते सागर अडानी समेत सात लोगों पर आरोप लगाए हैं. इस खबर के बाद गुरुवार को Adani Stocks में ठीक वैसी ही सुनामी देखने को मिली, जैसी कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पब्लिश होने के बाद आई थी. Adani Ent से लेकर Adani Energy Solutions तक 20% फिसल गए, जबकि मार्केट में लिस्टेड अन्य कंपनियों के स्टॉक्स भी धराशायी नजर आए. 

राजीव जैन बोले- पोर्टफोलियो की समीक्षा करेंगे
इस गिरावट के बीच अडानी ग्रुप की कंपनियों में बड़ा निवेश करने वाले GQG Partners के राजीव जैन का बयान आया. जिन्होंने हिंडनबर्ग के प्रकोप के समय Gautam Adani को सहारा दिया था. उन्होंने कहा है कि अमेरिकी न्याय विभाग और SEC के आदेशों के बाद वह अडानी ग्रुप में अपने इन्वेस्टमेंट की समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी टीम यह तय कर रही है कि हमारे पोर्टफोलियो के लिए क्या करना है और आगे का क्या प्लान होगा?

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अडानी ग्रुप को इस शख्‍स ने संकट से उबारा था
बात जनवरी 2023 की है, जब अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट पेश की थी. इस रिपोर्ट के आने के बाद गौतम अडानी की नेटवर्थ में तगड़ी गिरावट हुई थी. इसके साथ ही अडानी ग्रुप के सभी शेयर भरभराकर टूट गए थे. इसके बाद GQG पार्टनर्स ही वह पहला इन्‍वेस्‍टर था, जिसने अडानी ग्रुप की कई कंपनियों में बड़ा दांव लगाया था. जीक्यूजी पार्टनर्स ने अडानी समूह की चार कंपनियों में 1.87 अरब डॉलर (क़रीब एक खरब 52 अरब रुपये) का बड़ा निवेश किया था. इसके बाद अडानी ग्रुप के शेयर तेजी से चढ़ने लगे. इसके बाद राजीव जैन की कंपनी ने अपना इन्वेस्टमेंट लगातार बढ़ाया और छह कंपनियों में तगड़ी स्टेकहोल्डिंग हासिल की. 

अडानी ग्रुप की इन कंपनियों में GQG की हिस्सेदारी 
Adani Group की कंपनियों में जीक्यूजी पार्टनर्स के निवेश की बात करें, तो कुछ छह कंपनियों में राजीन जैन ने तगड़ा पैसा लगाया है. 30 सितंबर 2024 कर के पोर्टफोलियो पर नजर डालें, तो इसमें सीमेंट (Ambuja Cement) में उनकी 2.05 फीसदी हिस्सेदारी है, तो वहीं Adani Energy में वे 1.89 फीसदी के हिस्सेदार हैं. इसके अलावा राजीव जैन Adani Power (1.76%), Adani Green Energy (1.62%), Adani Enterprises (1.45%) और Adani Ports (1.46%) के स्टेकहोल्डर हैं. 

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कौन हैं राजीव जैन?
भारत में जन्मे और पले-बढ़े राजीव जैन साल 1990 में मियामी विश्वविद्यालय से MBA करने के लिए अमेरिका चले गए थे. इसके बाद वह 1994 में Vontobel में शामिल हुए और 2002 में स्विस फर्म के CIO बने. हाल ही में आई ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की मानें तो जब उन्होंने मार्च 2016 में GQG पार्टनर्स शुरू करने के लिए इस कंपनी को छोड़ा था, तब तक वोन्टोवेल के इमर्जिंग मार्केट फंड ने 10 वर्षों में कुल 70% से अधिक रिटर्न दिया था यानी MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स के दोगुने से भी अधिक.

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

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