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मिल गई हरी झंडी, अडानी की ये कंपनी जुटाने जा रही है 12500 करोड़ रुपये

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड मार्केट से बड़ी रकम जुटाने की तैयारी में है. इसके लिए कंपनी के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है. हिंडनबर्ग (Hindenburg ) की रिपोर्ट के करीब तीन महीने बाद कंपनी ये योजना लेकर आई है.

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अडानी एंटरप्राइजेज जुटाएगी फंड.
अडानी एंटरप्राइजेज जुटाएगी फंड.

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd) ने शनिवार को कहा कि उसके बोर्ड ने मार्केट से 12,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी है. अडानी एंटरप्राइजेज ने एक बयान में कहा कि वह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIB) या अन्य स्वीकार्य मोड के जरिए इक्विटी शेयर बेचकर फंड जुटाने की योजना बना रही है. हिंडनबर्ग (Hindenburg ) की रिपोर्ट के तीन महीने बीतने के बाद अडानी ग्रुप (Adani Group) की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज मार्केट से फंड जुटाने की योजना लेकर आई है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप को जोरदार झटका दिया था और समूह की कंपनियों के शेयर 50 फीसदी से अधिक टूट गए थे. 

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हिंडनबर्ग ने दिया था जोरदार झटका

हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों को ओवरवैल्यूड बताया था और अकाउंट फ्रॉड के आरोप लगाए थे. हालांकि, अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग के सभी आरोपों को खारिज कर दिया था. सेबी अभी इस मामले की जांच कर रहा है. अडानी एंटरप्राइजेज के बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIB) के जरिए 12,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शेयर और अन्य योग्य सिक्योरिटीज को जारी करके जुटाएगी. 

क्या है QIP?

QIP पूंजी जुटाने का एक तरीका है, जिसे सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली फर्म द्वारा अपनाया जा सकता है. इसमें वह इक्विटी शेयर, पूर्ण और आंशिक रूप से कनवर्टेबल डिबेंचर, या वारंट के अलावा इक्विटी शेयरों में कोई अन्य कनवर्टेबल सिक्योरिटी जारी कर सकती है. QIP आईपीओ से उलट है, ये संस्थानों या योग्य संस्थागत खरीदारों तक सीमित है.

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इसके अलावा अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड ने शनिवार को कहा कि उसे 8,500 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है. अडानी ग्रीन ने शुक्रवार को अपनी की बोर्ड बैठक 24 मई तक के लिए टाल दी है.

अडानी एंटरप्राइजेज ने रद्द किया था FPO

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट अडानी एंटरप्राइजेज के FPO के लॉन्च होने से कुछ दिन पहले आई थी. इसके बाद अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में तेज गिरावट शुरू हो गई थी. इसके बाद कंपनी ने अपने FPO को रद्द कर दिया था. अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कंपनी के बोर्ड FPO को रद्द करने का फैसला लिया है. अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा है कि शेयर बाजार में हलचल और मार्केट में उठापटक को देखते हुए कंपनी का अपने निवेशकों के हितों का रक्षा करना है. 

बता दें कि फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) दरअसल, किसी कंपनी के लिए पैसे जुटाने का एक तरीका होता है. जो कंपनी पहले से शेयर मार्केट में लिस्टेड होती हैं, वो इन्वेस्टर्स के लिए नए शेयर ऑफर करती है. ये शेयर बाजार में मौजूद शेयरों से अलग होते हैं. इनमें ज्यादातर स्टॉक्स प्रोमोटर्स जारी करते हैं. 

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