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भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की सबसे बड़ी डील, अडानी ग्रीन ने इस कंपनी को खरीदा 

इससे अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो में 4,954 मेगावॉट की क्षमता जुड़ जाएगी. यह सौदा 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 25,500 करोड़ रुपये) का है. 

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अडानी समूह की कंपनी ने की डील
अडानी समूह की कंपनी ने की डील
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एसबी एनर्जी का अधिग्रहण करेगी अडानी ग्रीन
  • करीब 25,500 करोड़ रुपये का है यह सौदा

अडानी समूह की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने जापान के सॉफ्टबैंक और भारत के भारती समूह से एक बड़ी डील की है. इसके तहत कंपनी एसबी एनर्जी इंडिया का अधिग्रहण करेगी. इससे अडानी के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो में 4,954 मेगावॉट की क्षमता जुड़ जाएगी. यह सौदा 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 25,500 करोड़ रुपये) का है. 

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अडानी ग्रीन एसबी एनर्जी की 100 फीसदी हिस्सेदारी लेगी. इस सौदे के साथ, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड 24.3 गीगावॉट की कुल रिन्यूएबल क्षमता और 4.9 गीगावॉट की परिचालन रिन्यूएबल क्षमता हासिल कर लेगी. यह रीन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भारत की अब तक की सबसे बड़ी डील है. इसके पहले साल 2016 में टाटा पावर की वेलस्पन एनर्जी के साथ हुई करीब 10 हजार करोड़ की डील सबसे बड़ी थी. 

अडानी ग्रीन के शेयर में उछाल 

इस सौदे की खबर आते ही बुधवार को अडानी ग्रीन के शेयरों में 5 फीसदी तक उछाल आ गया. अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर 5 फीसदी चढ़कर 1258.85 रुपये तक चले गए. पिछले कारोबारी दिन यह 1198.75 के स्तर पर बंद हुआ था. 

भारतीय बाजार से बाहर होगी एसबी एनर्जी 

इस सौदे के साथ ही एसबी एनर्जी भारतीय बाजार से बाहर हो जाएगी. एसबी एनर्जी करीब दो साल से अपने पोर्टफोलियो को बेचने पर विचार कर रही थी. 

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अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने एक बयान में कहा, 'यह अधिग्रहण जनवरी 2020 में हमारे द्वारा बताए गए विजन की दिशा में एक और कदम है, जिसमें हमने 2025 तक दुनिया की सबसे बड़ी सौर कंपनी बनने और उसके बाद 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी रिन्यूएबल कंपनी बनने की योजना बताई थी. हम अपने घोषित लक्ष्य को तय समय सीमा से चार साल पहले ही हासिल कर सकते हैं.'

 

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