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'कितने गाजी आए, कितने गाजी गए...' हिंडनबर्ग बंद होने के ऐलान के बाद अडानी CFO का बयान वायरल!

हिंडनबर्ग रिसर्च के बंद होने के ऐलान के बीच अडानी ग्रुप के CFO का बयान सामने आया है. अडानी ग्रुप के सीएफओ जुगेशिंदर सिंह ने अपनी एक्‍स पोस्‍ट पर लिखा, 'कितने गाजी आए, कितने गाजी गए' जिसके बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में 9 फीसदी तक की तेजी आई.

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Hindenburg Research
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हिंडनबर्ग के फाउंडर नाथन एंडरसन ने अपनी रिसर्च फर्म को बंद करने का ऐलान किया था. यह वहीं फर्म है, जिसने अडानी ग्रुप पर रिपोर्ट पेश की थी और कई गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद अडानी ग्रुप के सभी शेयरों में भारी गिरावट आई थी. हालांकि कुछ महीनों में ही इस ग्रुप के कई शेयरों ने रिकवरी कर ली, लेकिन अभी भी कुछ शेयर उबर नहीं पाए हैं. नतीजन कल जब नाथन एंडरसन ने फर्म को बंद करने का ऐलान किया, तो ये शेयर शानदार तेजी पर दिखे. खासकर अडानी ग्रीन एनर्जी, जिसमें आज यानी शुक्रवार को भी तेजी देखी जा रही है. 

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हिंडनबर्ग रिसर्च के बंद होने के ऐलान के बीच अडानी ग्रुप के CFO का बयान सामने आया है. अडानी ग्रुप के सीएफओ जुगेशिंदर सिंह ने अपनी एक्‍स पोस्‍ट पर लिखा, 'कितने गाजी आए, कितने गाजी गए' जिसके बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में 9 फीसदी तक की तेजी आई.  

क्‍यों बंद हुई हिंडनबर्ग रिसर्च? 
संस्थापक नाथन एंडरसन ने कहा कि मैंने हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने का निर्णय लिया है. हम जिन विचारों पर काम कर रहे थे, उनकी पाइपलाइन पूरी होने के बाद इसे बंद करने की योजना थी." एंडरसन ने स्पष्ट किया कि यह फैसला धमकियों या व्यक्तिगत मुद्दों के कारण नहीं लिया गया है. उन्‍होंने कहा कि इसे बंद करने का फैसला से पहले परिवार से चर्चा की थी. 

यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के संभावित शपथग्रहण से कुछ दिन पहले लिया गया है और एक प्रमुख रिपब्लिकन सांसद की कड़ी जांच के बाद उठाया गया है. कांग्रेस सदस्य लांस गुडेन ने हाल ही में अडानी समूह की कंपनियों में अमेरिकी सरकार की जांच की आलोचना की और कहा कि यह ऐसा कदम है, जो अमेरिका के वैश्विक गठबंधनों को नुकसान पहुंचा सकता है. 

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अडानी के शेयरों में मिला-जुला असर 
16 जनवरी को अडानी समूह के शेयरों में जोरदार तेजी आई, जिसमें अडानी पावर 9% की बढ़त के साथ ₹599.90 पर पहुंच गया. अडानी ग्रीन एनर्जी में 8.8% की उछाल आई, अडानी एंटरप्राइजेज में 7.7% की उछाल आई और अडानी टोटल गैस में 7% की बढ़त दर्ज की गई.  शुक्रवार यानी 17 जनवरी को भी इसमें मामूली देती देखी जा रही है. वहीं कुछ शेयर गिरावट पर भी हैं. 

साल 2022 में हिंडनबर्ग के शुरुआती आरोपों में अडानी समूह पर हेरफेर का आरोप लगाया गया था, जिसके कारण बाजार में काफी नुकसान हुआ. समूह ने लगातार आरोपों का खंडन किया और उन्हें "भारत पर सुनियोजित हमले" बताया. बाद में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने समूह को बरी कर दिया, विशेषज्ञों ने दावों को निराधार करार दिया था. 

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