अडानी समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (Adani Ports-APSEZ) ने पश्चिम बंगाल में काम करना शुरू कर दिया है. देश की सबसे बड़ी निजी बंदरगाह ऑपरेटर कंपनी APSEZ ने यहां के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (HDC) का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है. इसी के साथ कंपनी की पश्चिम बंगाल के मैरीटाइम सेक्टर में आधिकारिक एंट्री हो गई है.
होगा 300 करोड़ का निवेश
श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट (पूर्व में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट) ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स का ऑपरेशन APSEZ को सौंप दिया. कंपनी इस बंदरगाह के बर्थ नं. 2 को अपग्रेड करने और मैकेनाइजेशन पर काम करेगी. इस प्रोजेक्ट पर 298.25 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इसके 2024-25 में शुरू होने की उम्मीद है.
Adani Port इस बंदरगाह का परिचालन प्रति टन 75 रुपये की रॉयल्टी शेयरिंग मॉडल पर करेगी. अपग्रेड होने के बाद इस बंदरगाह की सालाना क्षमता 37.44 करोड़ टन मालढुलाई होगी.
2 घंटे में पूरी होगी मालढुलाई
अपग्रेडेशन के बाद जब ये बंदरगाह चालू हो जाएगा तो एक पूरे रेक की लोडिंग करने में महज 2 घंटे का वक्त लगेगा. अभी इसमें करीब 5 घंटे का समय लगता है. कंपनी बंदरगाह पर मोबाइल हार्बर क्रेन, कन्वेयर सिस्टम, स्टैकर्स और रैपिड लोडिंग सिस्टम डेवलप करेगी.
दिसंबर में ममता से मिले थे अडानी
इस बंदरगाह का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के लिए APSEZ के करन अडानी खुद गुरुवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की. इससे पहले गौतम अडानी भी दिसंबर 2021 में ममता बनर्जी से मुलाकात कर चुके हैं.
करन अडानी की ममता बनर्जी से मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक ममता बनर्जी की सरकार ताजपुर ग्रीनफील्ड बंदरगाह परियोजना को लेकर काफी तेजी से काम कर रही है. सरकार ने अब इसके लिए बोलियां जमा कराने की आखिरी तारीख 15 फरवरी तक बढ़ा सकती है. इस बंदरगाह से राज्य में 15,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है.
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