अडानी समूह में निवेश के लिए निवेशकों को एक अच्छा मौका मिलने वाला है. समूह की एक और कंपनी अडानी विल्मर (Adani Wilmar) अब शेयर बाजार में लिस्टेड होने के लिए आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है. इस आईपीओ के द्वारा कंपनी की 4,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है.
कंपनी ने आईपीओ के लिए जरूरी दस्तावेज ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) सेबी के पास जमा कर दिया है. यह वही कंपनी है जो फॉर्च्यून ब्रैंड के खाद्य तेल जैसे कई उत्पादों का उत्पादन करती है. यह एफएमसीजी कंपनी खाद्य तेल के बाजार में अगुआ है. कंपनी इस तरह से जुटे पैसों का इस्तेमाल विस्तार योजनाओं के लिए करेगी.
शेयर बाजार को अडानी ग्रुप ने दी जानकारी
अडानी विल्मर अडानी ग्रुप और Wilmar ग्रुप के बीच 50:50 के अनुपात वाला जॉइंट वेंचर है. अडानी ने एक स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि इस आईपीओ के द्वारा वह नए इक्विटी शेयर जारी करेगी और इसके बाद कोई सेकंडरी पेशकश नहीं होगी.
कहां होगा पैसे का इस्तेमाल
कंपनी ने कहा है कि वह इस आईपीओ के माध्यम से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी के मौजूदा कारखानों के विस्तार और नए कारखानों के विकास के लिए करेगी. साथ ही इससे अपने पुराने उधार भी चुकाएगी. यही नहीं जरूरत पड़ने पर इस रकम से कंपनी दूसरी कंपनियों के एसेट की खरीद या अन्य निवेश भी करेगी.
गौरतलब है कि अडानी विल्मर भारत की सबसे बड़ी खाद्य तेल कंपनी है. कंपनी का फॉर्च्यून ब्रैंड देश का सबसे बड़ा ब्रैंड है. समुद्र के किनारे रिफाइनरी होने के कारण कंपनी सस्ते दाम पर तेल आयात पर उसे कम लागत में प्रोसेस कर बेच सकती है. इसके देश के 10 राज्यों में 22 कारखाने हैं. वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी को 654.56 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था.