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Adani Wilmar के शेयर में तूफानी तेजी, दो दिन में ही IPO निवेशकों ने कमाए 5500 रुपये

अडानी विल्मर आईपीओ 27 जनवरी को खुला था और 31 जनवरी को बंद हुआ था. इसे 17 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया. कंपनी ने आईपीओ से पहले एंकर इन्वेस्टर्स से 940 करोड़ रुपये जुटा लिए थे. इस आईपीओ के लिए 218 से 230 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया था.

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लिस्टिंग के बाद शानदार रिकवरी
लिस्टिंग के बाद शानदार रिकवरी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लिस्टिंग के बाद आ चुकी करीब 35% तेजी
  • 4 फीसदी डिस्काउंट के साथ हुई थी लिस्टिंग

Adani Wilmar Stock Price: अडानी समूह (Adani Group) की सब्सिडियरी कंपनी अडानी विल्मर (Adani Wilmar) के स्टॉक लिस्टिंग के बाद शानदार परफॉर्म कर रहे हैं. कल डिस्काउंट पर लिस्ट होने के बाद इसमें लगातार तेज जारी है. आज बुधवार को बाजार खुलने के कुछ ही मिनट बाद यह स्टॉक 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया.

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डिस्काउंट पर लिस्टिंग के बाद जबरदस्त रिकवरी

सुबह 10:15 बजे अडानी विल्मर का स्टॉक 18 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 313.05 रुपये पर पहुंच चुका था. आज कारोबार शुरू होने के चंद मिनटों में ही यह 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़त ले चुका था. एक दिन पहले यह स्टॉक करीब 4 फीसदी के डिस्काउंट के साथ 221 रुपये पर लिस्ट हुआ था. हालांकि बाद में इसने जबरदस्त रिकवरी की थी और करीब 16 फीसदी चढ़कर 265.20 रुपये पर बंद हुआ था.

इतने कमा चुके कंपनी के इन्वेस्टर

अडानी समूह की यह कंपनी भी अपने इन्वेस्टर्स को मालामाल बना रही है. अगर किसी को एक लॉट शेयर अलॉट हुआ होगा, तो उसे दो दिन में करीब 5500 रुपये का मुनाफा हो चुका है. कंपनी के आईपीओ के लिए 218 से 230 रुपये का प्राइस बैंड (Adani Wilmar IPO Price Band) तय किया गया था. इसके एक लॉट में 65 शेयर थे.

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पहले दिन शेयर मार्केट पर हुई ऐसी ट्रेडिंग

पहले दिन बीएसई पर कंपनी के 75.10 लाख शेयरों की ट्रेडिंग हुई थी. इसी तरह एनएसई पर मंगलवार को अडानी विल्मर के 13.55 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ था. पहले दिन कारोबार बंद होने के बाद अडानी विल्मर का एमकैप 35 हजार करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया था. कंपनी के आईपीओ को इन्वेस्टर्स ने 17 गुना सब्सक्राइब किया था.

भारत की अव्वल एफएमसीजी कंपनियों में एक

यह कंपनी Fortune ब्रांड नाम से खाने के तेल बेचती है. इसके अलावा कंपनी चावल, आटा, चीनी जैसे खाने के सामानों का भी कारोबार करती है. कंपनी के पोर्टफोलियो में साबून, हैंडवॉश और हैंड सेनेटाइजर जैसे प्रॉडक्ट भी शामिल हैं. 1999 में बनी इस कंपनी में अडानी समूह के अलावा सिंगापुर के विल्मर समूह की भी हिस्सेदारी है. यह भारतीय बाजार में सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में से एक है.

 

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