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आदि गोदरेज: ताला-चाबी बनाने वाली Godrej Industries को चांद और मंगल तक ले जाने वाला उद्यमी

गोदरेज इंडस्ट्रीज (Godrej Industries) के चेयरमैन आदि गोदरेज ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. कंपनी में उनका सफर 1963 में शुरू हुआ और अब वो कंपनी के मानद चेयरमैन होंगे. जानें कैसा रहा कंपनी में उनका करीब 6 दशक लंबा सफर...

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गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज (Photo : Getty)
गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज (Photo : Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ‘परिवार के बाहर के लोगों को बनाया मैनेजर’
  • ‘हमेशा हमेशा मध्यम वर्गीय मूल्यों का सम्मान किया’
  • ‘अंग्रेजों के जमाने से आज के जमाने की कंपनी बनाई’

गोदरेज इंडस्ट्रीज (Godrej Industries) के चेयरमैन आदि गोदरेज ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. कंपनी में उनका सफर 1963 में शुरू हुआ और अब वो कंपनी के मानद चेयरमैन होंगे. 

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आदि गोदरेज के करीब 6 दशक लंबे करियर में उन्होंने Godrej Industries में कई जिम्मेदारियां संभाली. लेकिन अगर गोदरेज इंडस्ट्रीज में उनके सबसे बड़े योगदान की बात की जाए तो उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ को हमेशा तवज्जो देनी वाली कंपनी को सही मायनों में ‘ग्लोबल’ बनाया.

बदला कामकाज का तरीका

आदि गोदरेज ने जब 1963 में Godrej Industries को जॉइन किया था, तब कंपनी में काम करने का तरीका बहुत पुराने ढर्रे वाला था. कंपनी उस समय भी वैसे ही काम करती थी जैसे अंग्रेजों के जमाने में, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती कंपनी को आधुनिक बनाने की थी.

आदि गोदरेज
आदि गोदरेज (Photo : Getty)

मैनेजमेंट में किए बड़े परिवर्तन

आदि गोदरेज जब Godrej Industries में आए तब वहां काम के तौर-तरीकों को बदलना बुरा माना जाता था. लेकिन अमेरिका के MIT से मैनेजमेंट पढ़कर लौटे आदि गोदरेज को पुराना ढर्रा रास नहीं आया और उन्होंने कंपनी में बदलाव लाने शुरू किए.

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परिवार के बाहर के लोगों को बनाया मैनेजर

आदि गोदरेज Godrej Industries में परिवार के बाहर के लोगों को लाए. उन्होंने समूह की कंपनियों में हमेशा शीर्ष पदों पर परिवार के लोगों की नियुक्ति की परंपरा को तोड़ा और प्रोफेशनल सीईओ और सीओओ की नियुक्ति सुनिश्चित की. इसने Godrej Industries को विरासत की नींव पर भविष्य की ग्लोबल कंपनी बनाने का रास्ता खोला.

हमेशा किया मध्यम वर्गीय मूल्यों का सम्मान

आदि गोदरेज ने भले Godrej Industries का मॉडर्नाइजेशन किया हो, लेकिन उन्होंने कंपनी की ब्रांड इमेज के साथ एक इमोशनल कनेक्ट जोड़ा और कंपनी के पारंपरिक मध्यम वर्गीय मू्ल्यों को हमेशा मध्यम वर्गीय रहने दिया. 

आदि गोदरेज
आदि गोदरेज (Photo : Getty)

आदि गोदरेज की शादी परमेश्वर गोदरेज से हुई. हालांकि 2016 में उनका निधन हो गया. उनकी दो बेटियां निशा गोदरेज, तान्या गोदरेज और एक बेटा पिरोशजा गोदरेज है. तीनों बच्चे गोदरेज समूह की अलग-अलग कंपनियों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

ताला-चाबी से चांद तक पहुंचाया Godrej Group

Godrej Group ने 1897 में ताला-चाबी बनाने से अपना कारोबार शुरू किया था. कंपनी के संस्थापक अरदेशर गोदरेज ‘स्वदेशी आंदोलन’ से जुड़े थे. अगर देखा जाए तो Godrej Industries ने सही मायनों में ‘Vocal for Local’ और ‘Make In India' के लिए काम किया है.

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Godrej Industries दुनिया की पहली ऐसी कंपनी थी जिसने एनिमल फैट की जगह वेजिटेबल फैट से साबुन बनाया. लकड़ी की अलमारी के स्थान पर घर-घर में स्टील की गोदरेज अलमारी को जगह दिलाई. आजादी के बाद देश के पहले चुनावों के लिए बैलेट बॉक्स बनाए और फिर 1958 में रेफ्रिजरेटर बनाना शुरू किया.

आदि गोदरेज के समय में कंपनी ने कई नए सेगमेंट में बिजनेस शुरू किया. वर्ष 1990 में कंपनी ने रियल एस्टेट सेक्टर में काम शुरू किया. 1994 में Good Knight जैसा बड़ा ब्रांड हासिल किया और वर्ष 2005 में ब्रिटेन की Keyline Brands Ltd का पहला ग्लोबल अधिग्रहण किया. आदि गोदरेज के कार्यकाल में ही Godrej Industries ताला बनाने वाली कंपनी से चांद और मंगल तक पहुंचने वाली कंपनी बन गई. कंपनी ने देश के पहले चंद्रयान-1 मिशन और मंगलयान मिशन के लिए लॉन्च व्हीकल बनाने में मदद की.

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