टाटा ग्रुप के हाथों बेची जा चुकी सरकारी एयरलाइन Air India को वित्त वर्ष 2020-21 में 7,017.42 रुपये का भारी घाटा हुआ है. हालांकि यह घाटा इसके एक साल पहले के मुकाबले थोड़ा कम है.
एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान एअर इंडिया को 7,765.73 करोड़ रुपये का जबरदस्त घाटा हुआ था. एअर इंडिया ने गुरुवार को स्टॉक एक्सचेंज को यह जानकारी दी है. एअर इंडिया के निदेशक मंडल की गुरुवार को हुई बैठक में ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट को मंजूरी दी गई.
क्यों आई घाटे में कमी
एक साल पहले के मुकाबले वित्त वर्ष 2020-21 में एअर इंडिया का घाटा इस वजह से कम हुआ है, क्योंकि इसका खर्च तेजी से घटा है. वित्त वर्ष 2020-21 में एअर इंडिया का खर्च महज 19,083.33 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2019-20 में उसका खर्च 36,290.17 करोड़ रुपये था.
हालांकि इस दौरान एअर इंडिया की आमदनी में भी भारी कमी आई है. वित्त वर्ष 2020-21 में एअर इंडिया की आय 12,104.05 करोड़ रुपये ही रही, जबकि एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 2019-20 में एअर इंडिया की आय 28,524.44 करोड़ रुपये थी.
टाटा समूह को बेचे जाने का फैसला
गौरतलब है कि एअर इंडिया को टाटा समूह को बेचे जाने का फैसला सरकार कर चुकी है. गत 8 अक्टूबर को DIPAM सचिव तुहीन कांत पांडे ने यह ऐलान किया था कि टाटा ग्रुप ने एअर इंडिया के लिए सबसे ज्यादा 18,000 करोड़ रुपये की बोली लगाकर बिड जीत लिया है. इस तरह करीब 67 साल के बाद एअर इंडिया एक बार फिर से टाटा समूह को वापस मिल रही है. यह बिक्री और लेनदेन की प्रक्रिया दिसंबर, 2021 तक खत्म हो जाएगी.
(www.businesstoday.in के इनपुट पर आधारित)