एअर इंडिया की बिक्री प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी हो सकती है. इस बीच सरकार ने साफ किया है कि एअर इंडिया की बिक्री के बाद छह महीने के भीतर इसके कर्मचारियों को कंपनी से मिले मकानों को छोड़ना होगा.
गृह मंत्री की अध्यक्षता वाले Air India स्पेसिफिक अल्टर्नेटिव मेकैनिज्म (AISAM) ने यह तय किया है कि कंपनी के विनिवेश के छह माह के भीतर इसके कर्मचारियों को कंपनी से मिले आवासों को खाली करना होगा.
एअर इंडिया चेयरमैन को बता दिया गया
नागर विमानन मंत्रालय ने 29 सितंबर को ही एअर इंडिया के चेयरमैन को औपचारिक रूप से लेटर भेजकर यह जानकारी दे दी है. इसके 15 दिन के भीतर कर्मचारियों को यह लिखित अंडरटेकिंग जमा करनी होगी कि वे शांति से आवास खाली कर देंगे.
9 अगस्त की एक बैठक में AISAM ने तय किया था, 'एअर इंडिया कर्मचारी विनिवेश के बाद छह महीने तक कंपनी की आवासीय कॉलोनियों में रह सकते हैं या तब तक रह सकते हैं, जब तक ये प्रॉपर्टी बेचे नहीं जाते, इनमें से जो भी डेट पहले आती हो.'
रिटायर्ड कर्मचारी तत्काल खाली करेंगे
एअर इंडिया की आवासी कॉलोनियों में रहने वाले सभी रिटायर्ड कर्मचारियों को तत्काल इन्हें खाली करने का नोटिस दे दिया जाएगा. लेकिन जो लोग सेवा में हैं उन्हें विनिवेश के बाद छह माह तक रहने दिया जाएगा.
लेटर में कहा गया है कि जो कर्मचारी तय समय के भीतर आवास नहीं खाली करेंगे उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. उनसे जुर्माने के रूप में मार्केट से डबल किराया लिया जा सकता है और दिल्ली-मुंबई के ऐसे कर्मचारियों से 10 से 15 लाख रुपये का डैमेज चार्ज भी लिया जा सकता है.
नहीं मिलेगा एचआरए
गौर करने की बात यह है कि विनिवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद एअर इंडिया के कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस (HRA) या लीज रेंटल अलाउंस या हाउसिंग अलाउंस नहीं दिया जाएगा.