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दूध, दही, मक्खन के बाद अब ऑर्गेनिक फल-सब्जियां बेचेगी Amul, हुई तगड़ी कमाई

अमूल ब्रांड नाम से विभिन्न उत्पाद बेचने वाली को-ऑपरेटिव कंपनी 'गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन' ने मंगलवार को सालाना आम बैठक बुलाई थी. कंपनी ने एजीएम में ही सेगमेंट के विस्तार की भी जानकारी दी.

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ऑर्गेनिक फल-सब्जी बेचने की तैयारी
ऑर्गेनिक फल-सब्जी बेचने की तैयारी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अमूल के पोर्टफोलियो का विस्तार करने की तैयारी
  • 2022 में ही अमूल ब्रांड के पूरे हो गए थे 75 साल

डेयरी और बेकरी उत्पादों (Dairy and Bakery Products) के बाजार में स्थान बनाने के बाद अमूल (Amul) अब ऑर्गेनिक सब्जी और फलों (Organic Vegetables and Fruits) के सेगमेंट में भी उतरने की तैयारी कर रही है. गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (Gujarat Cooperative Milk Marketing Federation) ने बताया कि अमूल ने नेचुरल फार्मिंग और ऑर्गेनिक फार्मिंग (Natural and Organic Farming) को लेकर किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए हाल ही में एक मुहिम की शुरुआत की है. अब इन उत्पाद को बाजार में उतारने की तैयारी चल रही है. इससे अमूल के पोर्टफोलियो का विस्तार होगा.

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इतना हो गया अमूल का टर्नओवर

अमूल ब्रांड नाम से विभिन्न उत्पाद बेचने वाली को-ऑपरेटिव कंपनी 'गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन' ने मंगलवार को सालाना आम बैठक बुलाई थी. कंपनी ने एजीएम में ही सेगमेंट के विस्तार की भी जानकारी दी. कंपनी ने कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2021-22 (FY22) के दौरान उसका टर्नओवर साल भर पहले की तुलना में करीब 15 फीसदी बढ़कर 61 हजार करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इससे एक साल पहले यानी 2020-21 में कंपनी का टर्नओवर 53 हजार करोड़ रुपये रहा था.

75 साल का हो गया अमूल ब्रांड

कंपनी ने अपनी 48वीं सालाना आम बैठक में कहा, "अमूल को-ऑपरेटिव मूवमेंट 61 हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर की उपलब्धि के साथ 75वीं सालगिरह मना रहा है. इस तरह कंपनी ने भारत के सबसे बड़े फूड और एफएमसीजी ब्रांड के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत की है. कंपनी को महामारी के बाद घर से बाहर खाने-पीने की चीजों की खपत बढ़ने से मदद मिली है. इसके अलावा रेस्टोरेंट्स, कैटरिंग, ट्रैवल और हॉस्पिटलिटी सेगमेंट में सुधार से भी कंपनी को फायदा हुआ है."

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अमूल ब्रांड में आई इतनी ग्रोथ

गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के चेयरमैन शामलभाई पटेल (Shamalbhai Patel) ने एजीएम में ये जानकारी दी कि दूध, दही और बटरमिल्क जैसे ताजा उत्पाद के क्षेत्र में विस्तार की योजना पर काम चल रहा है. इसके लिए गुजरात के राजकोट में 500 करोड़ रुपये के निवेश से नया प्लांट लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगले दो साल में दिल्ली के पास बागपत समेत वाराणसी, रोहतक और कोलकाता में बड़े डेयरी प्लांट लगाए जाएंगे. फेडरेशन के मैनेजिंग डाइरेक्टर आरएस सोढ़ी (RS Sodhi) ने कहा कि अमूल ब्रांड के विभिन्न सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है. दूध से बने पेय पदार्थों का बिजनेस 36 फीसदी बढ़ा है. इसी तरह आइसक्रीम बिजनेस में 50 फीसदी से ज्यादा, अमूल बटर के मामले में 17 फीसदी और घी बिजनेस में 19 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है.

किसानों को अमूल से मिलेगी ये मदद

सोढ़ी ने भी कहा है कि अमूल ने किसानों को नेचुरल फार्मिंग और ऑर्गेनिक फार्मिंग अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए हाल ही में एक मुहिम की शुरुआत की है. ऐसे किसानों को अमूल की तरफ से बाजार का लिंकेज और तकनीकी मदद मुहैया कराई जाएगी. इसके अलावा जल्दी ही बाजार में ऑर्गेनिक फल और सब्जियां लॉन्च भी की जाएंगी. अमूल पूरे देश में स्पेशल टेस्टिंग लैब भी लगाएगी, ताकि नेचुरल फार्मिंग और ऑर्गेनिक फार्मिंग अपना रहे सभी किसानों को किफायती दर पर अपने उत्पाद की टेस्टिंग की सुविधा मिल सके.

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