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RBI के एक्शन पर अशनीर ग्रोवर के बदले सुर, कहा- अब इस फिनटेक की हो जांच

Ashneer Grover: भारतपे के पूर्व निदेशक अश्नीर ग्रोवर ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को पत्र लिखकर कंपनी की शेयर होल्डिंग की जांच शुरू करने की अपील की है. साथ ही कई बातों पर प्रकाश डाला है.

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अशनीर ग्रोवर
अशनीर ग्रोवर

बीते कुछ दिनों में RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक समेत तीन कंपनियों के खिलाफ तगड़ा एक्‍शन लिया है, जिसे लेकर शार्क टैंक इंडिया के पूर्व जज अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) सवाल उठा चुके हैं. हालांकि अब उनके सुर बदलते हुए नजर आ रहे हैं. उन्‍होंने एक फिनटेक कंपनी के शेयरहोल्डिंग को लेकर जांच की मांग उठाई है. इसके लिए Ashneer Grover ने केंद्रीय बैंक को पत्र लिखा है.  

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भारतपे के पूर्व निदेशक अश्नीर ग्रोवर ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को पत्र लिखकर कंपनी की शेयर होल्डिंग की जांच शुरू करने की अपील की है. ग्रोवर ने 6 मार्च को लिखे एक पत्र में केंद्रीय बैंक को बताया है कि BharatPe ने अमेरिका में वायर धोखाधड़ी के दोषी भाविक कोलाडिया को कंपनी में वापस लाकर जानबूझकर "धोखाधड़ी" की है. 

RBI से ग्रोवर ने क्‍या जांच करने के लिए कहा? 
बिजनेस टुडे पर छपी खबर में इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रोवर ने अपने पत्र में RBI से यह देखने के लिए कहा है कि क्या कंपनी के बोर्ड और डायरेक्‍टर्स ने केंद्रीय बैंक से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद उसे वापस लाने के लिए कोलाडिया के शेयरों को एक तय समय के लिए रखा था. ग्रोवर ने कहा कि यह भी जांच करनी चाहिए कि अगर लाइसेंस आवेदन के समय कोलाडिया BharatPe की कैप टेबल का हिस्सा थे तो क्‍या RBI ने  भारतपे को यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक में 49% हिस्सेदारी के लिए सही माना था या नॉन कंट्रोलर हिस्‍सेदारी हासिल करने की अनुमति भी दी थी. 

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जुलाई 2018 में भारतपे में शामिल हुए थे अशनीर ग्रोवर 
गौरतलब है कि भारतपे की स्थापना मार्च 2018 में शाश्वत नाकरानी और भाविक कोलाडिया (Bhavik Coladia) ने की थी, जिनमें से प्रत्येक के पास फर्म में 50% हिस्सेदारी थी. ग्रोवर जुलाई 2018 में तीसरे को-फाउंडर और बोर्ड सदस्य के तौर पर इस कंपनी में शामिल हुए थे और 10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 3,192 शेयर खरीदे. शेयर ट्रांसफर के बाद भारतपे का शेयरहोल्डिंग पैटर्न बदल गया. कोलाडिया को 42.5%, ग्रोवर को 31.9% और नकरानी को 25.5% शेयर मिले. 

भारतपे ने ग्रोवर पर लगाए थे आरोप 
बता दें कि मार्च 2022 में ग्रोवर को BharatPe बोर्ड से बाहर कर दिया गया था और दिसंबर 2022 में भारतपे ने ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर, साथ ही उनके रिश्तेदारों के खिलाफ एक नागरिक मुकदमा दायर किया और 88.67 करोड़ रुपये का जुर्माने की मांग की गई थी. इसके अलावा, भारतपे ने ग्रोवर और उनकी फैमिली के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की थी. 

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