एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और भारत सरकार ने बुधवार को वित्तीय प्रबंधन प्रक्रियाओं और परिचालन दक्षता को बेहतर बनाने के लिए 50 मिलियन डॉलर (करीब 3,68,64,85,000 रुपये) के नीति-आधारित लोन पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल राज्य में राजकोषीय बचत में बढ़ोतरी करना, जानकारी आधारित फैसले लेने को बढ़ावा देना और सेवाओं की अदायगी में सुधार करना है.
पश्चिम बंगाल लोक वित्त प्रबंधन निवेश कार्यक्रम के लिए भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग के अपर सचिव डॉ. सीएस महापात्रा और एडीबी की ओर से ADB इंडिया रेजिडेंट मिशन के कंट्री डायरेक्टर ताकेओ कोनीशी ने हस्ताक्षर किए.
पश्चिम बंगाल के विकास पर फंड होगा खर्च
डॉ. महापात्रा ने कहा कि कार्यक्रम में संपूर्ण-सरकार का दृष्टिकोण अपनाया गया है. राज्य की वित्तीय और सूचना प्रणालियों के एकीकरण से सार्वजनिक सेवाओं की अदायगी में सुधार होगा और राजकोषीय बचत में बढ़ोतरी होगी, जिससे राज्य को विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण में मदद मिलेगी.
कोनीशी ने कहा कि अंतर-परिचालन सुविधा वाले ई-सरकारी प्लेटफॉर्मों के समर्थन से कार्यक्रम, पेंशन और भविष्य निधि जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभों को सुव्यवस्थित करेगा, लिंग-आधारित डेटा, कर भुगतान और राजस्व संग्रह की सुविधा प्रदान करेगा.
टेक्नोलॉजी दक्षता बढ़ाने पर फोकस
एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (IFMS) के तहत एक नए मॉड्यूल की मदद से विकास परियोजनाओं की बेहतर तरीके से निगरानी की जा सकती है. इससे परियोजना का प्रबंधन बेहतर होगा. सार्वजनिक वित्त प्रबंधन में राज्य सरकार के अधिकारियों की दक्षता को बेहतर बनाने के लिए एक वित्त नीति और सार्वजनिक वित्त केंद्र की स्थापना की जाएगी. परिवहन निगमों और शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक वेब-आधारित शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाएगी, जो विश्वसनीय नागरिक-सरकार इंटरफेस की सुविधा प्रदान करेगा.
वर्तमान लोन, एडीबी के 2012 और 2017 के नीतिगत कार्यक्रमों पर आधारित है, जो स्थायी सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुधारों के लिए पश्चिम बंगाल सरकार का समर्थन करता है. इन कार्यक्रमों ने आईएफएमएस को विकसित और लागू करने में मदद की, बेहतर राजस्व प्रशासन के लिए सफल ई-गवर्नेंस प्रणाली स्थापित की, व्यय के युक्तिसंगत बनाने के उपाय किए और सेवा अदायगी में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया.
क्षमता निर्माण, आईएफएमएस सुधारों की निगरानी और सुधार क्षेत्रों में सामाजिक और लिंग पहलुओं के एकीकरण को मजबूत करने के लिए ऋण को 3,50,000 डॉलर की तकनीकी सहायता अनुदान द्वारा पूरक किया जाना प्रस्तावित है. एडीबी एक समृद्ध, समावेशी, सहनशील और सतत एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि अत्यधिक गरीबी को मिटाने के लिए निरंतर प्रयासरत है. 1966 में स्थापित, एडीबी पर 68 सदस्यों (क्षेत्र के 49) का स्वामित्व है.