शेयर मार्केट (Share Market) में पिछले कुछ महीनों से जारी बिकवाली ने कई इन्वेस्टर्स (Investors) को कंगाल कर दिया है. हर कोई पोर्टफोलियो (Portfolio) के नुकसान की चर्चा कर रहा है. खासकर शॉर्ट टर्म (Short Term) में मल्टीबैगर रिटर्न (Multibagger Return) की उम्मीद रखने वाले इन्वेस्टर्स ज्यादा निराश हुए हैं. हालांकि लंबे समय के लिए पैसे लगाने वाले इन्वेस्टर्स के पोर्टफोलियो में अभी भी कई ऐसे स्टॉक हैं, जो हालिया करेक्शन के बाद भी मल्टीबैगर साबित हुए हैं. प्लास्टिक पाइप बनाने वाली कंपनी (Plastic Pipe Company) एस्ट्रल लिमिटेड (Astral Limited) का शेयर इनमें से एक है.
लॉन्ग टर्म में इन्वेस्टर्स हुए मालामाल
एस्ट्रल लिमिटेड का शेयर आज बुधवार को दोपहर के कारोबार में बीएसई (BSE) पर 1.34 फीसदी के गेन के साथ 1,656 रुपये के ऊपर ट्रेंड कर रहा था. इस साल बिकवाली की चपेट में आकर इसका भाव करीब 30 फीसदी गिरा है. एक समय इसका भाव 2,500 रुपये के भी पार निकल गया था. अभी यह अपने 52-वीक लो 1,601.55 रुपये के ज्यादा करीब है. लॉन्ग टर्म के हिसाब से देखें तो बीते 10 साल में यह स्टॉक रॉकेट की तरह ऊपर गया है.
10 साल में 6000% से ज्यादा चढ़ा भाव
आज से 10 साल पहले एस्ट्रल लिमिटेड के एक शेयर का भाव (Astral Limited Share Price) महज 25.75 रुपये था. अभी यह 1,656 रुपये के भी पार निकला हुआ है. इसका अर्थ हुआ कि बीते 10 साल में इस स्टॉक ने अपने इन्वेस्टर्स को 6,000 फीसदी से भी ज्यादा रिटर्न दिया है. अगर कोई इन्वेस्टर इसके स्टॉक में 10 साल पहले एक लाख रुपये लगाया होता और उसे होल्ड करके रखा होता, तो आज उसके इन्वेस्टमेंट की वैल्यू 63 लाख रुपये से भी ज्यादा हो गई होती.
पांच साल में इन्वेस्टर्स को मिला इतना रिटर्न
पिछले एक साल से यह शेयर गिरावट का शिकार है. सिर्फ पिछले एक महीने में यह 1,712 रुपये की तुलना में 5 फीसदी से ज्यादा गिरा है. पिछले 6 महीने में इसमें करीब 28 फीसदी की और पिछले एक साल में करीब 16 फीसदी की गिरावट आई है. हालांकि लॉन्ग टर्म का हिसाब देखते ही सारा गणित बदल जाता है. 10 साल छोड़िए, सिर्फ बीते 5 साल का देखें तो इस स्टॉक ने करीब 290 फीसदी का रिटर्न दिया है, जो कम्पाउंडिंग के आधार पर सालाना करीब (CAGR) 32 फीसदी के ब्याज के बराबर साबित होता है.
(Disclaimer: शेयर बाजार में पैसे लगाने पर कई तरह के रिस्क होते हैं. स्टॉक मार्केट में पैसे लगाने से पहले आप खुद से रिसर्च जरूर करें या अपने पर्सनल फाइनेंस एडवाइजर की सलाह लें.)